50 लाख का खेल, 50 हजार की मौज: IPL सट्टे के कर्ज ने ड्राइवर को बनाया मास्टरमाइंड, पार्षद समेत 7 गिरफ्तार
कार में लेकर निकले कैश पर खुद का ही ‘हाथ साफ’, 49.50 लाख बरामद

रायपुर… राजधानी में 50 लाख रुपये के गबन का मामला सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि लालच, लत और साजिश की पूरी कहानी बनकर सामने आया है। कंपनी का भरोसेमंद ड्राइवर ही पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला, जिसने IPL सट्टे में डूबे कर्ज को चुकाने के लिए अपने ही सिस्टम को तोड़ दिया। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक पार्षद समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए 49.50 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
गुटखा बहाना बना, लाखों लेकर फरार
25 अप्रैल की दोपहर, कंपनी का ड्राइवर कृष्णा साहू और अकाउंटेंट भूपेंद्र देवांगन 50 लाख रुपये लेकर निकले थे। गीतांजलि नगर पहुंचते ही ड्राइवर ने गुटखा लेने का बहाना बनाया और अकाउंटेंट को कार से उतार दिया।
कुछ ही सेकंड में हालात बदल गए—ड्राइवर कैश से भरी कार लेकर गायब हो चुका था।
IPL सट्टा: कर्ज में डूबा, फिर रचा पूरा खेल
पूछताछ में सामने आया कि कृष्णा साहू ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी का आदी था। लगातार हार और बढ़ते कर्ज ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। योजना पहले से तैयार थी—कैश ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी को ही उसने अपने लिए मौका बना लिया और भरोसे को हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
नाली और खपरैल—पैसा छुपाने के अनोखे ठिकाने
गबन के बाद रकम को आरोपियों ने आपस में बांट लिया और शक से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया। कहीं नाली के अंदर गड्ढा खोदकर पैसे दबाए गए, तो कहीं झोपड़ी के खपरैल के नीचे छुपा दिए गए।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि ड्राइवर ने अपने हिस्से का पैसा बीरगांव नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद ओमप्रकाश साहू के पास सुरक्षित रख दिया था।
7 गिरफ्तार, दो कारें जब्त
पुलिस ने इस मामले में तेज कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में ड्राइवर, पार्षद और उनके करीबी शामिल हैं।
घटना में इस्तेमाल की गई MG विंडसर और एक वर्ना कार भी जब्त की गई हैं।
तेज जांच, तगड़ी रिकवरी
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, लोकेशन ट्रैकिंग और लगातार पूछताछ के जरिए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। कुछ ही समय में 49.50 लाख रुपये बरामद कर लिए गए—सिर्फ 50 हजार रुपये ही आरोपियों की मौज-मस्ती में खर्च हो पाए।





