300 CCTV फुटेज, 20 दिन का ऑपरेशन…हाईटेक चोरी गैंग पर शिकंजा, मेरठ का शातिर ताज मोहम्मद गिरफ्तार
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 5 लाख का सोना बरामद

बिलासपुर। शहर के पॉश अपार्टमेंट्स को निशाना बनाकर चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर आखिरकार पुलिस ने निर्णायक प्रहार किया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई सिलसिलेवार वारदातों के बाद पुलिस ने तकनीक, नेटवर्क और लगातार फील्ड ऑपरेशन के दम पर मेरठ के कुख्यात आरोपी ताज मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से करीब 35.34 ग्राम गला हुआ सोना, जिसकी कीमत लगभग 4.99 लाख रुपए आंकी गई है, बरामद हुआ है।
CCTV से लेकर फिंगरप्रिंट तक— खुली परतें
घटना 28 सितंबर 2025 की दोपहर की है, जब साकेत अपार्टमेंट और रियल हेवन अपार्टमेंट में ताला तोड़कर चोरी की वारदातें सामने आईं। एक ही दिन में दो फ्लैट से जेवर पार कर लिए गए, जबकि तीसरी जगह कोशिश नाकाम रही।
मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और साइबर टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। करीब 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनसे संदिग्धों की स्पष्ट तस्वीर सामने आई।
दिल्ली-मेरठ कनेक्शन: 47 मामलों का अपराधी
जांच में सामने आया कि आरोपी ताज मोहम्मद और उसका साथी वसीम मोहम्मद, दोनों दिल्ली-मेरठ के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में दर्जनों चोरी के मामलों में पहले से शामिल हैं। ताज मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद, जयपुर, अलीगढ़, लुधियाना और मेरठ में कुल 47 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
20 दिन का ऑपरेशन, मोबाइल बंद…पहुंची पुलिस
पहचान उजागर होने के बाद आरोपी बेहद सतर्क हो गया। मोबाइल बंद कर दिया, ठिकाने बदलता रहा और घर से दूरी बना ली। इसके बावजूद पुलिस टीम ने करीब 20 दिन तक दिल्ली, मेरठ और संभावित ठिकानों पर कैंप कर लगातार निगरानी रखी। बैंकिंग ट्रांजैक्शन, फोन पे और संपर्कों के विश्लेषण के आधार पर 24 अप्रैल 2026 को मेरठ से आरोपी को दबोच लिया गया।
चोरी का माल गलाकर छुपाने की तकनीक
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी के सोने-चांदी के जेवरों को पहचान से बचाने के लिए खुद ही चिमनी से गलाकर कच्चे रूप में छुपा देता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गला हुआ सोना और गलाने की चिमनी भी बरामद की है।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने कबूल किया कि वह और उसका साथी घटना से दो दिन पहले बाइक से बिलासपुर पहुंचे थे। पहले रैकी की, फिर दो फ्लैट में चोरी की और तीसरे में कोशिश के दौरान पकड़े जाने से पहले फरार हो गए। वसीम फिलहाल दिल्ली में एक अन्य मामले में जेल में बंद है, जिसे जल्द प्रोडक्शन वारंट पर बिलासपुर लाया जाएगा।
पुलिस टीम को इनाम, ऑपरेशन बना मिसाल
पूरे ऑपरेशन में सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने समन्वित रणनीति के साथ काम किया। शहर स्तर से लेकर अंतरराज्यीय नेटवर्क तक कड़ी जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई गई। कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और जवानों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।





