Chhattisgarh Cold Wave Alert: हाड़ कपाती ठंड की चपेट में छत्तीसगढ़, अंबिकापुर में पारा लुढ़का, शीतलहर के बीच स्कूल बंद
भीषण ठंड को देखते हुए सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर के साथ-साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5) को 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

Chhattisgarh Cold Wave Alert: रायपुर: छत्तीसगढ़ में उत्तर भारत और हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी है।
सूरज ढलते ही पारा तेजी से गिर रहा है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 28 दिनों में राज्य में ठंड की वजह से 3 लोगों की जान जा चुकी है।
सरगुजा संभाग ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बलरामपुर के रामानुजगंज में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है, जिससे ओस की बूंदें घास और पैरा (पुआल) पर जमकर बर्फ की सफेद चादर जैसी दिखने लगी हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5°C दर्ज किया गया है, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर है।
मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर समेत इन 8 जिलों में आज और कल तेज ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, बेमेतरा और रायपुर।
वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालय से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ और ऊपर चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं ने छत्तीसगढ़ को किसी ‘खुले फ्रिज’ की तरह बना दिया है। यही वजह है कि मैदानी इलाकों में भी अब उत्तर भारत जैसी सर्दी महसूस हो रही है।
भीषण ठंड को देखते हुए सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर के साथ-साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5) को 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही, अन्य कक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है। दो पालियों में संचालित होने वाले स्कूल अब सुबह 8:30 के बजाय 9:30 बजे से लग रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक ठंड से बड़ी राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।





