रायपुर।नौकरी लगवाने और कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने के नाम पर कथित ठगी करने वाले दो आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को प्रदेश के गृहमंत्री का निज सहायक बताकर लोगों को प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का भरोसा दिलाते थे और सरकारी नौकरी लगवाने तथा ट्रांसफर कराने के नाम पर रकम लेते थे। सिविल लाइन पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य मोहन पंडा और संतराम यादव के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में बीएनएस की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की शुरुआत प्रार्थी बोस्टो तांडी की शिकायत से हुई। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। आरोपियों ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कही। वहीं, पुलिस के अनुसार आदित्य मोहन पंडा ने स्वयं को प्रदेश के गृहमंत्री का निज सहायक बताया था।

आरोपियों की बातों पर भरोसा कर प्रार्थी ने उन्हें 70 हजार रुपये दे दिए। शिकायत के मुताबिक, रकम लेने के बाद न तो उसे नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों द्वारा इसी तरह अन्य लोगों से भी नौकरी लगाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर रकम लेने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ताओं और गवाहों से पूछताछ की तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अब तक करीब 15 लोगों से इसी तरह नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। हालांकि मामले में आरोपियों से पूछताछ अभी जारी है और ठगी की कुल रकम तथा पीड़ितों की संख्या की जांच की जा रही है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मामले में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन लोगों को अपने झांसे में लिया और ठगी के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया।