CG Weather।रायपुर: छत्तीसगढ़ में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन इसके शुरुआती तेवर बेहद कमजोर नजर आ रहे हैं। सोमवार को बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा मार्ग से मानसूनी हवाओं ने प्रदेश में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन आंकड़ों के लिहाज से अब तक छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

मौसम विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से लेकर अब तक (23 जून 2026) राज्य में सामान्य तौर पर 108.2 मिमी (4.2 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले केवल 33.2 मिमी (1.3 इंच) वर्षा ही दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य औसत से करीब 69% कम है, जिसने किसानों और मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

​बारिश के मौजूदा और बेहद कमजोर आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इस बार मानसून की एंट्री न सिर्फ देरी से हुई है, बल्कि इसकी चाल भी काफी सुस्त है।

जून का महीना खत्म होने को है, लेकिन प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी तक खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जरूरी मिट्टी की नमी पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाई है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताते हुए अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल संभावना जताई है।

विभाग का मानना है कि यदि जून के अंतिम सप्ताह में व्यापक और मूसलाधार बारिश होती है, तो प्रदेश में बना यह बड़ा वर्षा घाटा तेजी से कम हो सकता है।

​बस्तर संभाग में सबसे पहले दस्तक, फिर भी कोटे से आधा पानी गिरा

प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन पारंपरिक रूप से भारी बारिश के लिए जाने जाने वाले इस संभाग में भी इस बार बादलों ने कंजूसी दिखाई है:

  • ​बस्तर जिला: पूरे प्रदेश में बस्तर जिले की स्थिति सबसे बेहतर है। यहाँ 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 48% कम है।
  • ​दंतेवाड़ा: मानसून के प्रवेश द्वार रहे दंतेवाड़ा में 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले महज 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम)।
  • ​सुकमा: इस सीमावर्ती जिले में अब तक केवल 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है।
  • ​कोंडागांव व बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में बेहद कम केवल 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

​मध्य छत्तीसगढ़ में तपिश बरकरार, राजनांदगांव 40 डिग्री के साथ सबसे गर्म

एक ओर जहां बस्तर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है, वहीं दूसरी ओर मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों को अभी मानसूनी फुहारों का इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है, जिससे उमस और तपन बनी रहेगी।

सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान जगदलपुर में 22.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

​रायपुर में छाए रहेंगे बादल, 40 से 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

राजधानी रायपुर के मौसम की बात करें तो आज (23 जून) शहर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। आज रायपुर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दंतेवाड़ा से मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा के बाद राहत की बात यह है कि नमी से भरे मानसूनी बादल अब छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले चुके हैं।

विशेषकर बस्तर संभाग, रायपुर संभाग और बिलासपुर संभाग के दक्षिणी हिस्से में मानसूनी बादलों की अच्छी और घनी मौजूदगी देखी जा रही है। आने वाले दिनों में बादलों के बरसने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।