CG Paddy Purchase -रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की विष्णुदेव साय सरकार से 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीफ फसल तैयार होने के बावजूद सरकार की ओर से धान खरीदी की तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं।

बैज ने बारदाने, सहकारी समितियों के लिए फंड, किसानों के भुगतान और धान परिवहन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का लाभ किसानों को देने की मांग करते हुए कहा कि किसानों को प्रति क्विंटल 3,358 रुपये की दर से भुगतान किया जाना चाहिए।

10 अक्टूबर को पत्रकारों से चर्चा में बैज ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान हरहुना किस्म का धान लगाते हैं, जिसकी कटाई दशहरे के बाद और दिवाली से पहले शुरू हो जाती है। ऐसे में खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अब तक बारदाने की व्यवस्था, समितियों के लिए फंड, भुगतान बजट और परिवहन के टेंडर की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ये आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार की तैयारियों को लेकर लगाए हैं।

धान के दाम को लेकर बैज ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कुल 258 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। उन्होंने वर्ष 2023 में किए गए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के वादे में 258 रुपये जोड़कर किसानों को 3,358 रुपये प्रति क्विंटल एकमुश्त देने की मांग की।

बैज ने यह भी दावा किया कि इसी खरीफ सीजन में पोटाश की कीमत प्रति बोरी 275 रुपये और एनपीके की कीमत 700 रुपये बढ़ी है। उनके मुताबिक, बढ़ती कृषि लागत के मुकाबले धान की मौजूदा दर पर्याप्त नहीं है और किसानों को प्रति एकड़ 5,418 रुपये तक का नुकसान हो रहा है।

दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी बैज ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध से घबराकर दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और राजधानी की ओर आने वाली ट्रेनों तथा बसों को रोका जा रहा है। उन्होंने एंबुलेंस की जांच किए जाने का दावा भी किया।

बैज ने कहा कि यह घटनाक्रम सरकार की युवाओं के प्रति चिंता को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए तथा कहा कि यह आंदोलन उनके इस्तीफे की मांग के साथ जारी रहेगा। ये बयान बैज ने राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में दिए हैं।

प्रदेश में रोजगार के मुद्दे पर बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार मेलों के जरिए निजी कंपनियों में करीब 10 हजार रुपये की नौकरी दिलाने को उपलब्धि बताकर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। बैज ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, जबकि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद खाली होने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने शिक्षा विभाग में 57 हजार, स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के 18 हजार से अधिक, उच्च शिक्षा विभाग में 3,700, लोक निर्माण विभाग में 6 हजार, सहकारिता विभाग में 4 हजार, वन विभाग में 6 हजार, जेल विभाग में 1,200, ग्रामीण विकास में 8 हजार, पुलिस विभाग में 7 हजार और आदिम जाति कल्याण विभाग में 7 हजार रिक्त पद होने की बात कही। बैज के अनुसार, सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा सकती है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए विभागवार रिक्त पदों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर कथित हमले और महासमुंद में वन्यजीव तस्करी रोकने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों को करीब सात घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटनाओं का उल्लेख किया। बैज ने कहा कि इन घटनाओं से प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठते हैं और सरकारी अमले की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।