बलरामपुर। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने स्कूलों की निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे ने शनिवार को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति कम मिलने और कर्मचारी के लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

माध्यमिक शाला धनादोहर में आधे से भी कम विद्यार्थियों की उपस्थिति मिलने पर प्रधान पाठक चन्द्रिका टोप्पो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार लाने पर जोर दिया।

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तातापानी के निरीक्षण के दौरान 348 छात्राएं उपस्थित मिलीं। यहां पदस्थ लिपिक देवनारायण राम अगस्त 2025 से लगातार अनुपस्थित पाए गए। लंबे समय से ड्यूटी से नदारद रहने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें भी नोटिस जारी किया।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला राजकुमारीनटोला में दर्ज 13 विद्यार्थियों में से 11 उपस्थित मिले। प्राथमिक शाला धनगांव में सभी 20 विद्यार्थी उपस्थित थे, जबकि माध्यमिक शाला धनगांव में 18 में से 13 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे थे।

प्राथमिक शाला धनादोहर में 31 में से 20 तथा माध्यमिक शाला धनादोहर में 69 में से केवल 31 विद्यार्थी उपस्थित मिले। वहीं, प्राथमिक शाला नेहरूनगर में दर्ज 26 विद्यार्थियों में से 17 उपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने विद्यालय में साइकिल स्टैंड की व्यवस्था करने की मांग रखी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

प्राथमिक शाला नेहरूनगर में मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई और कक्षाओं की व्यवस्था संतोषजनक मिली। वहीं, प्राथमिक शाला धनगांव में परिसर की स्वच्छता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों के हाथों और नाखूनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ कक्षाओं एवं विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने पर भी जोर दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और नियमित उपस्थिति के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों की व्यवस्था में सुधार के लिए औचक निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।