Raipur.बरसात के बाद छत्तीसगढ़ में सड़कों, पुल-पुलियों और शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा पर निगरानी बढ़ाने की पहल की है।

इसी क्रम में विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने गरियाबंद जिले का दौरा कर विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

सचिव बंसल ने फिंगेश्वर विकासखंड में कोपरा-पोखरा मार्ग के 26.20 किलोमीटर लंबे मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। इस परियोजना में पुल-पुलियों का निर्माण भी शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

इसके बाद उन्होंने राजिम में नवीन मेला स्थल चौबेबांधा से लक्ष्मण झूला तक बन रहे 3.50 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

सड़क परियोजनाओं के अलावा सचिव ने गरियाबंद में विभिन्न शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। इनमें व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के लिए बनाए जा रहे दो डी-टाइप आवासगृह, जिला परिवहन कार्यालय भवन और 40 जीएडी आवासगृह शामिल हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण की स्थिति की जानकारी लेकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान सचिव बंसल बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में भी पहुंचे। उन्होंने कसाबाय-पतोरा दादर मार्ग पर आरडी 135 में चचंगी नाला पर निर्मित पुल और पहुंच मार्ग का निरीक्षण किया। यह कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने कसाबाय-सातधार मार्ग पर हलफली नाला में उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी।

मैदानी निरीक्षण के बाद सचिव ने गरियाबंद सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, सामने आ रही समस्याओं और काम में देरी के संभावित कारणों पर चर्चा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरसात के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

सचिव ने कहा कि निर्माण कार्यों की निगरानी केवल कार्यालयों में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर नहीं होगी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी मैदानी निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण के जरिए कार्यों की प्रगति तथा गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के संभागीय कार्यालय और परिसर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में स्वच्छता, रखरखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान विभाग के प्रमुख अभियंता व्ही. के. भतपहरी सहित मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता उपस्थित रहे।