Cg news।धमतरी: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

कम उम्र (नाबालिग) के बच्चों द्वारा फर्राटेदार वाहन चलाने की खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने के लिए व्यापक संयुक्त अभियान शुरू किया गया है। इसी सिलसिले में धमतरी Collector अबिनाश मिश्रा ने जिले के सभी सरकारी और निजी (शासकीय एवं अशासकीय) स्कूलों के प्राचार्यों की वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) भावना पाण्डेय और सहायक संचालक शिक्षा यदुनंदन वर्मा समेत जिले भर के स्कूलों के प्राचार्य शामिल हुए।

बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना जीवन के लिए गंभीर खतरा, स्कूलों में नो-व्हीकल एंट्री लागू करने के निर्देश —– बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया या अन्य गाड़ियां चलाना कानून का स्पष्ट उल्लंघन तो है ही, साथ ही यह उनके खुद के जीवन और सड़क पर चलने वाले अन्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है।

उन्होंने सभी स्कूल प्राचार्यों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि:

  • यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नाबालिग छात्र-छात्रा गाड़ी (टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर) लेकर स्कूल न पहुंचे।
  • यदि कोई विद्यार्थी फिर भी वाहन लेकर स्कूल आता है, तो तुरंत उसके माता-पिता (पालकों) को बुलाकर समझाइश दी जाए।
  • बार-बार उल्लंघन किए जाने पर इसकी जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दी जाए।

पालकों को जागरूक करने 1 सप्ताह का समय, आयोजित होंगी विशेष PTM

कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को तुरंत ‘पालक-शिक्षक बैठक’ (PTM) आयोजित करने का फरमान जारी किया है। इसके जरिए अभिभावकों को मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के कड़े नियमों, चालानी कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को गाड़ी देने के बजाय स्कूल बस, साइकिल, ऑटो, सार्वजनिक परिवहन या स्वयं बच्चों को छोड़ने-लेने जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाएं। इस पूरी नई व्यवस्था को लागू करने के लिए स्कूलों को 1 सप्ताह का समय दिया गया है।

कलेक्टर ने बैठक में यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूल परिसर के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री या बच्चों के लिए असुरक्षित माहौल पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के तत्काल कठोर वैधानिक व आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत और सकारात्मक दिशा देने के लिए सभी विद्यालयों में रोजाना योग, खेलकूद, नैतिक शिक्षा, ट्रैफिक अवेयरनेस और नशामुक्ति से जुड़ी गतिविधियों को अनिवार्य रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया है।