CG News। लंबित मांगों के समाधान और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर बिजलीकर्मचारियों ने सरकार एवं पावर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैकर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से किए गए आश्वासनों और पूर्व में बनी सैद्धांतिक सहमति के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हई है।

जिससे कर्मचारियों में असंतोष और रोष बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गई है।भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ ने आंदोलन का ऐलान किया है।महासंघ की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदाकर्मियों का नियमितीकरण, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पुनर्गठन,लंबित पदोन्नति आदेशों का जारी होना, तकनीकी एवं कंप्यूटर भत्ता, वेतनपुनरीक्षण समिति का गठन, ठेका श्रमिकों को सीधे पावर कंपनी से भुगतान एवंनई भर्तियों में प्राथमिकता शामिल हैं।

आंदोलन को तीन चरणों में संचालितकिया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत एक जून से 30 जून तक प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान एवं जनसंपर्क कर कर्मचारियों को एकजुट किया जा रहा है।

द्वितीय चरण में एक जुलाई से नौ जुलाई तक सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में मुख्य अभियंता एवं कार्यपालक निदेशकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस दौरानरायपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारी एक जुलाई को गुढ़ियारी में आमसभा कर ज्ञापन देंगे। तृतीय चरण में 10 जुलाई को डंगनिया स्थित पावर कंपनी मुख्यालय में आक्रोश रैली एवं धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

महासंघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।

धमतरी के पदाधिकारी कर्मचारियों को एक जुट कर रहे जिलेके पदाधिकारी लालजी साहू और रमाकांत साहू सहित अन्य पदाधिकारियों के द्वारा आंदोलन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

बैनर-पोस्टर,हस्ताक्षर अभियान और जनसंपर्क के माध्यम से कर्मचारियों को जोड़ा जा रहा है। इस दौरान टीकाराम, लालाराम, रामधर,पुनेश्वर, सुरेन्द्र, नम्रता जाचक,नंद कुमार डहरिया, पीयूष सिन्हा, तेजेन्द्र, एकता गायकवाड़ सहित अन्य बिजली कर्मचारी उपस्थित थे।