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CG News- बोर्ड परीक्षा से पहले कलेक्टर का ‘अल्टीमेटम’, शिक्षकों को दिसंबर में मिलेगी सिर्फ दो छुट्टी, क्लास में मोबाइल बैन

कलेक्टर लीना मंडावी लगातार जिले के स्कूलों का सघन निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मरवाही विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अण्डी, हाई स्कूल सिलपहरी, हाई स्कूल धोबहर और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुदुमदेवरी का औचक निरीक्षण किया।

CG News/गौरेला पेंड्रा मरवाही। जिले में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। परीक्षाओं में महज दो महीने का वक्त बचा है, जिसे देखते हुए जिला कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने शिक्षकों के लिए सख्त फरमान जारी किया है।

स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि दिसंबर माह में शिक्षकों को केवल दो आकस्मिक अवकाश (CL) की ही पात्रता होगी, इसलिए वे अनावश्यक छुट्टी पर न जाएं और पूरा ध्यान बच्चों की पढ़ाई पर केंद्रित करें। कलेक्टर के इस कड़े रुख से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

कलेक्टर लीना मंडावी लगातार जिले के स्कूलों का सघन निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मरवाही विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अण्डी, हाई स्कूल सिलपहरी, हाई स्कूल धोबहर और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुदुमदेवरी का औचक निरीक्षण किया।

रजिस्टर चेक करने पर जब बच्चों की उपस्थिति दर्ज संख्या के मुकाबले काफी कम मिली, तो कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के घर जाएं, उनके अभिभावकों से संपर्क करें और उन्हें बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पिछले बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा भी की। कम रिजल्ट वाले स्कूलों पर असंतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक ही बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं, इसलिए वे अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार संस्था का परिणाम खराब आया, तो विषयवार शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई होगी।

कलेक्टर ने पढ़ाई के तौर-तरीकों में बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि बच्चों को रटवाने के बजाय समझाकर पढ़ाएं और ब्लूप्रिंट के आधार पर परीक्षा की तैयारी कराएं। साथ ही कमजोर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा क्लास और होशियार बच्चों को मेरिट के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

अनुशासन को लेकर भी कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि पढ़ाई के दौरान क्लास रूम में शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति बिल्कुल न दी जाए। निरीक्षण के दौरान शासकीय हाई स्कूल धोबहर का पिछला रिजल्ट 96 प्रतिशत रहने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने वहां के शिक्षकों की सराहना की और इस बार शत-प्रतिशत परिणाम लाने का लक्ष्य दिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे भी उनके साथ मौजूद रहे।

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