CG News/रायपुर: छत्तीसगढ़ में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई पैरासिटामोल की गोलियों पर काले धब्बे मिलने और गुणवत्ता में गंभीर कमी पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने महासमुंद स्थित दवा निर्माता कंपनी ‘9M इंडिया लिमिटेड’ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।

प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों और दवा गोदामों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि 9M इंडिया लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई साल 2024 बैच की पैरासिटामोल (500 MG और 650 MG) की गोलियों पर काले धब्बे हैं और उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। इन शिकायतों के बाद जब सीजीएमएससी ने दवाओं का भौतिक परीक्षण कराया, तो प्रथम दृष्टया ही गोलियों को “मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त” पाया गया।

सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने बताया कि कंपनी ने 2022 में टेंडर हासिल किया था, लेकिन 2024 में सप्लाई की गई खेप में गंभीर खामियां पाई गईं।

मामले का संज्ञान लेते ही सीजीएमएससी ने तत्काल प्रभाव से कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं किप्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और गोदामों से 2024 बैच की पैरासिटामोल की सभी गोलियां तुरंत वापस ली जाएं।

इस घटिया स्टॉक के बदले में उच्च गुणवत्ता वाली नई बैच की दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

यह पहली बार नहीं है जब 9M कंपनी पर घटिया दवा सप्लाई करने के आरोप लगे हैं। पहले भी ऐसी शिकायतें आती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन इस बार सरकार सख्त मूड में है। खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।

अब जब्त की गई दवाओं को क्वालिटी जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। यदि जांच रिपोर्ट में दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, तो 9M इंडिया लिमिटेड के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जन स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।