रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोल लेवी स्कैम में EOW द्वारा स्पेशल कोर्ट में पेश किए गए अनुपूरक चार्जशीट में कवि कुमार विश्वास के नाम का जिक्र आया है। जांच एजेंसी ने आरोप पत्र में कोल स्कैम की रकम से कवि को रुपये दिए गए।

कोल-लेवी घोटाला मामला, चार्जशीट में डॉ. कुमार विश्वास को पैसे देने का उल्लेख…

चार्जशीट की समरी के पेज नं.-66 में EOW ने किया है उल्लेख. किया गया है, रामनवमी कार्यक्रम के लिए कवि कुमार विश्वास को 25 लाख रूपये देने का खुलासा जांच एजेंसी ने किया है। भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव,सूर्यकांत तिवारी के 05 अप्रैल 2022 के वाट्सएप चैट के जरिये हुई बातचीत का जिक्र करते हुए जांच एजेंसी ने आरोप पत्र में इस बात की उल्लेख किया है।

विवेचना में प्राप्त कथनों के अनुसार नवाज, देवेंद्र यादव के लिए भेजी गई रकम प्राप्त करता था और उसके माध्यम से रकम देवेंद्र यादव तक पहुंचाई जाती थी। 30 मार्च 2022 की 10 लाख रुपये की डायरी प्रविष्टि के संबंध में दर्ज कथन में भी देवेंद्र यादव के लिए रकम नवाज तक पहुंचाने की बात कही गई है। रकम पहुंचाने वाले व्यक्तियों के संबंधित कथन अभियोग पत्र के साथ संलग्न हैं। दिनांक 09-04-2022 को देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच खैरागढ़ पहुंचने के संबंध में व्हाट्सएप बातचीत हुई थी।

उसी दिन जब्त डायरी BS-01 में “DEVENDRA YADAV को खैरागढ़ के सामने 35 लाख रुपये की प्रविष्टि मिली है। दिनांक 05-04-2022 की दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप बातचीत में रामनवमी के अवसर पर डॉ. कुमार विश्वास का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था का उल्लेख है। 07 अप्रैल 2022 की Durg Group’ बातचीत में नकद रकम मिलने और उसे आगे पहुंचाने से संबंधित संदेश हैं। देवेंद्र यादव से ‘तंबंधित व्हाट्सएप बातचीत तथा डायरी में उनके और नवाज के नाम से दर्ज प्रविष्टियों के स्क्रीनशॉट Annexure के रूप में अभियोग पत्र के साथ संलग्न हैं।

विवेचना में तथा प्रवर्तन निदेशालय से प्राप्त जानकारी से देवेंद्र यादव से रकम के लेन-देन से संबंधित अभिलेख प्राप्त हुए हैं। इनका BS-01 की 11 प्रविष्टियों में दर्ज 3 करोड़ रुपये, नवाज के माध्यम से उनके लिए रकम पहुंचाने वाले व्यक्तियों के कथनों तथा सूर्यकांत तिवारी के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत से मिलान किया गया। संबंधित अभिलेख वर्तमान अभियोग पत्र के साथ संलग्न हैं। डायरी में दर्ज भुगतान की तारीखों, उपचुनाव में देवेंद्र यादव की जिम्मेदारी और संबंधित बातचीत का रिकॉर्ड है।

डायरी में दर्ज भुगतान की तारीखों, उपचुनाव में देवेंद्र यादव की जिम्मेदारी और संबंधित बातचीत का परीक्षण किया गया। दिनांक 09-04-2022 को खैरागढ़ पहुंचने की बातचीत तथा उसी दिन उनके नाम से दर्ज 35 लाख रुपये की प्रविष्टि का भी मिलान किया गया। इसी प्रकार डॉ. कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए रकम की व्यवस्था और Durg Group में नकद रकम आगे पहुंचाने से संबंधित संदेशों का परीक्षण किया गया। इन अभिलेखों, संबंधित डायरी प्रविष्टियों और रकम पहुंचाने वाले व्यक्तियों के कथनों के आधार पर सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई।

विवेचना में यह प्रमाणित हुआ है कि सूर्यकांत तिवारी कोल सिंडिकेट का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। तथा धारा 7क, 12 पी.सी. एक्ट एवं धारा 384, 420, 120बी भा.दं.वि. के अपराध का आरोपी है। देवेंद्र यादव सूर्यकांत तिवारी से व्यक्तिगत रूप से तथा व्हाट्सएप के माध्यम से जुड़ा हुआ था।

जांच में अब तक 170 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है। एजेंसी का दावा है कि IAS जयप्रकाश मौर्य ने प्रॉपर्टी, विधायक देवेंद्र यादव ने चुनाव और पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने ज्वेलरी में करोड़ों रुपए खर्च किए। FIR में नामजद आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट में जांच एजेंसी के द्वारा आज अंतिम आरोप पत्र पेश किया जाएगा।

देवेंद्र यादव ने कहा कि शुरुआत में फाइल में चिंतामणि महाराज का नाम स्वर्ण अक्षरों में था, लेकिन बीजेपी सांसद बनने के बाद अब उनका नाम नहीं लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी में शामिल होने के बाद लोग बरी हो जाते हैं और देश की जनता बीजेपी के सभी प्रपंचों को जानती है।

ED की चार्जशीट के मुताबिक, 570 करोड़ रुपए के कोल स्कैम में सबसे ज्यादा फायदा 8 नेताओं और अफसरों को मिला। आरोप है कि नेताओं और अफसरों ने कोल स्कैम के पैसों से प्रॉपर्टी खरीदी, गहने लिए और चुनाव में करोड़ों रुपए खर्च किए।

चार्जशीट के मुताबिक, कोल स्कैम के मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी से सौम्या चौरसिया ने 169 बार में 31 करोड़ रुपए लिए। निलंबित IAS रानू साहू ने 13 बार में 5.52 करोड़ रुपए लिए। आरोप है कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को 11 बार में 3 करोड़ रुपए मिले। चार्जशीट के अनुसार, देवेंद्र यादव ने इन पैसों को खैरागढ़ उपचुनाव और UP चुनाव में खर्च किया।

आरोप के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने सूर्यकांत तिवारी से 2 बार में 46 लाख रुपए लिए। इनमें से 42 लाख रुपए UP चुनाव में खर्च किए गए, 4 लाख रुपए से रायपुर की एक ज्वेलरी शॉप से पत्नी के लिए 60 ग्राम सोने का हार खरीदा गया।

आरोप है कि सूर्यकांत तिवारी ने कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टरों से वसूली गई रकम अपने कर्मचारियों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाई। निखिल चंद्राकर पैसे पहुंचाने में मुख्य भूमिका में रहा। चार्जशीट के मुताबिक, उसने ही अधिकतर लोगों तक पैसे पहुंचाए।

ED की चार्जशीट के मुताबिक, कोल स्कैम का मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी कोयला ट्रांसपोर्टिंग करने वालों से वसूली करता था। कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन और वॉशरी से कोयला निकलने पर 25 रुपए प्रति टन अतिरिक्त ट्रांसपोर्टिंग शुल्क लिया जाता था।

कोयले का कारोबार करने वालों को सूर्यकांत तिवारी को दो बार कमीशन देना पड़ता था। कोरबा और रायगढ़ में वसूली के लिए अलग-अलग ऑफिस खोले गए थे। वसूली से मिलने वाली रकम सूर्यकांत तिवारी ही संभालता था। इसके बाद नेताओं और अफसरों को डील के मुताबिक रकम पहुंचाई जाती थी।

ED के मुताबिक, कोल लेवी स्कैम में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सीधे सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में थे। दोनों के बीच वॉट्सएप पर बातचीत होती थी। चार्जशीट में शामिल चैट में खैरागढ़ चुनाव, रायपुर आने, मिलने का समय और इंतजार करने से जुड़ी बातचीत का जिक्र है।

चार्जशीट के अनुसार, एक चैट में देवेंद्र यादव सूर्यकांत से कहते हैं- “भैया, मैं शंकर नगर पहुंच गया हूं। कहां पर आना है।” इसके जवाब में सूर्यकांत कहते हैं- “रेडी होकर आता हूं भाई। 10 बजे अनुपम नगर पहुंचता हूं। इसके बाद देवेंद्र यादव “ओके भैया” लिखते हैं।

सूर्यकांत जवाब देते हैं कि आपको रोशन कॉल कर रहा है। इसके बाद देवेंद्र यादव फिर ओके भैया लिखते हैं। इसके बाद अनुपम नगर पहुंचकर देवेंद्र यादव मैसेज करते हैं- भैया, मैं पहुंच गया हूं। कितना समय लगेगा। कुछ देर बाद सूर्यकांत तिवारी का जवाब आता है- DONE।

देवेंद्र यादव फिर पूछते हैं- “भैया, कितना समय लगेगा आपको पहुंचने में। मुझे खैरागढ़ पहुंचना है। आपको और कितना समय लगेगा।” ED ने चार्जशीट में इस बातचीत के वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं।

चंद्रदेव राय और सूर्यकांत के बीच बातचीत

ED की जांच के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय ने सूर्यकांत तिवारी से 46 लाख रुपए लिए थे। आरोप है कि इसमें से 42 लाख रुपए UP चुनाव में इस्तेमाल किए गए, जबकि 4 लाख रुपए से पत्नी के लिए सोने का हार खरीदा गया।

ED के अनुसार, वॉट्सएप चैट में चंद्रदेव राय सूर्यकांत तिवारी से पूछते हैं- भैया जी, किस ज्वेलरी शॉप में जाऊं? इसके जवाब में सूर्यकांत की ओर से एक ज्वेलरी शॉप का नाम भेजा जाता है। इसके बाद चंद्रदेव राय उस ज्वेलरी शॉप पर पहुंचते हैं।

चैट के मुताबिक, चंद्रदेव राय सूर्यकांत से कहते हैं- भैया जी, आपकी बहू ने 60 ग्राम का सोने का हार पसंद किया है। इसके बाद वह हार की फोटो भेजकर पूछते हैं- भैया जी, आपकी बहू ने ये पसंद किया है, कौन सा खरीद लूं? 60 ग्राम का है, जो 4 लाख 30 हजार में मिल रहा है।”

इसके जवाब में सूर्यकांत तिवारी कहते हैं- जो बहू को पसंद है, खरीद लो। इसके बाद आरोप है कि चंद्रदेव राय के ड्राइवर ने एक होटल से पैसे लेकर ज्वेलरी शॉप पर दिए।

कांग्रेस नेता विनोद तिवारी और सूर्यकांत के बीच बातचीत

ED की जांच के मुताबिक, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने कोल लेवी सिंडिकेट से 19 किश्तों में 1 करोड़ 87 लाख रुपए लिए। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ चुनाव और प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया। ED ने विनोद तिवारी और सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई बातचीत को भी सबूत के तौर पर न्यायालय में पेश किया है।

आरपी सिंह ने ED को ये बताया?

कांग्रेस नेता आरपी सिंह पर कोयला लेवी मामले में 2 करोड़ 1 लाख 40 हजार रुपए लेने का आरोप है। पूछताछ के दौरान आरपी सिंह ने यह रकम लेने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि इस पैसे का इस्तेमाल पार्टी के लिए गाड़ियों और मीडिया का प्रबंध करने में किया गया।

3 IPS सूर्यकांत-सौम्या के संपर्क में थे

ED की चार्जशीट के अनुसार, तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया और कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी IPS पारूल माथुर, IPS प्रशांत अग्रवाल और IPS भोजराम पटेल के संपर्क में थे।

इन अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने विभाग की ऑफिशियल जानकारी सूर्यकांत तिवारी को दी। वहीं IPS पारूल माथुर पर आरोप है कि वे कारोबारी तिवारी के कहने पर कोयला लेकर जा रहे वाहनों पर एक्शन लेती थी। वहीं कॉन्स्टेबल अमित कुमार दुबे पर ED अफसरों की जासूसी करने का आरोप है।

जानिए क्या है कोल लेवी घोटाला?

ED का दावा है कि छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला किया गया है। इस मामले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है।

छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।

2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर FIR

ED की रिपोर्ट पर ACB, EOW ने 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। जिस पर अब ACB-EOW की टीम जांच कर रही है। IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।