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‘धुरंधर’ की दोनों फिल्मों ने मिलकर 3000 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार किया

• पहली फिल्म ने 1300 करोड़, दूसरी ने 1700 करोड़ से ज्यादा की कमाई • दोनों हिस्सों ने 1000 करोड़ क्लब में बनाई जगह • जियो स्टूडियोज के लिए बड़ी वैश्विक सफलता

मुंबई ।जियो स्टूडियोज की फिल्म ‘धुरंधर’ टाइटल की के दोनों फिल्मों, धुरंधर और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर मिलकर 3000 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। भारतीय सिनेमा के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ‘धुरंधर’ सीरीज की दोनों फिल्मों ने ग्लोबल बॉक्स ऑफ़िस पर इतिहास रच दिया है। फिल्म का निर्माण जियो स्टूडियोज़ और B62 स्टूडियोज़ के बैनर तले ज्योति देशपांडे, आदित्य धर और लोकेश धर ने किया है।

2025 में रिलीज हुई पहली फिल्म ‘धुरंधर’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया भर में 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। सिर्फ घरेलू बाजार में फिल्म ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया था।

इसके बाद रिलीज हुई ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने इस सफलता को और आगे बढ़ाते हुए 1700 करोड़ रुपये से अधिक का वैश्विक कलेक्शन किया। फिल्म ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए एक ही भाषा में 1000 करोड़ से अधिक नेट कलेक्शन करने वाली पहली भारतीय फिल्म का दर्जा हासिल किया। दोनों फिल्मों का कुल वैश्विक कलेक्शन 3000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है, जिससे यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह पहली भारतीय फिल्म बन गई है।

दोनों फिल्मों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और दर्शकों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी। एक्शन, कहानी और बड़े पैमाने हुई रिलीज ने इसे भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रिय इसे बनाया। निर्देशक आदित्य धर की इस फिल्म को भारतीय सिनेमा में बड़े बजट और फ्रेंचाइजी मॉडल के नए दौर के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें एक कहानी को दो हिस्सों में पेश किया गया है।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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