दुर्ग… छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से भाजपा संगठन, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र और राजनीतिक-सामाजिक जगत में शोक की लहर है।

डोमन लाल कोर्सेवाड़ा अहिवारा से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25 हजार 263 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था। उनकी जीत ने क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति को मजबूती दी थी। वरिष्ठता और संगठन में लंबे अनुभव को देखते हुए राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।

 शासकीय सेवा से राजनीति तक का सफर

डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम भेंडरा में हुआ था। उनके पिता का नाम नम्मू दास कोर्सेवाड़ा था। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और बीएड भी किया। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ने के बाद उन्होंने शासकीय सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे अहिवारा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

वर्ष 2008 में भाजपा ने उन्हें पहली बार अहिवारा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत दर्ज कर वे पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2023 में पार्टी ने दोबारा उन पर भरोसा जताया और उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की।

अहिवारा के विकास से जुड़ी पहचान

राजनीति में उनका जुड़ाव केवल चुनाव और संगठन तक सीमित नहीं रहा। अहिवारा और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी उनकी भूमिका रही। पेयजल संकट से जूझ रहे जामुल और अहिवारा क्षेत्र तक शिवनाथ नदी का पानी पहुंचाने की पहल, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास उनके कार्यकाल से जुड़े रहे। अहिवारा अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने और नंदिनी नगर के नागरिक कल्याण महाविद्यालय को शासकीय महाविद्यालय का दर्जा दिलाने में भी उनके प्रयासों का उल्लेख किया जाता है।

भिलाई-3 में व्यवहार न्यायालय की स्थापना से जुड़े प्रयासों में भी उनकी भूमिका रही। क्षेत्र में लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उनकी पहचान एक अनुभवी जनप्रतिनिधि के रूप में बनी थी।

उनके निधन से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र ने अपना प्रतिनिधि खो दिया है। भाजपा के लिए भी यह बड़ी क्षति है। लंबे समय तक शिक्षा, शासकीय सेवा और राजनीति से जुड़े रहे कोर्सेवाड़ा के निधन से उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक है।