Bilaspur High Court- समान ग्रेड पे पर ट्रांसफर ‘पदोन्नति’ नहीं, कर्मचारियों को मिलेगा MACP का लाभ

Bilaspur High Court/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के हक में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी का स्थानांतरण समान ग्रेड पे (Grade Pay) वाले पदों के बीच होता है, तो उसे पदोन्नति (Promotion) नहीं माना जा सकता।
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब कर्मचारियों के लिए ‘संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति’ (MACP) योजना के तहत वित्तीय लाभ पाने का रास्ता साफ हो गया है।
रेलवे की याचिका खारिज, CAT के आदेश को रखा बरकरार
जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें कर्मचारियों को MACP लाभ देने के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने रेलवे द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कर्मचारी को पदोन्नति का लाभ मिलने का हवाला देकर MACP देने से इनकार किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
Bilaspur High Court/यह मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के एक कर्मचारी से जुड़ा है। कर्मचारी की नियुक्ति वर्ष 1995 में ‘सहायक लोको पायलट’ के पद पर हुई थी। इसके बाद उन्हें ‘सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट’ और फिर ‘लोको पायलट (मालगाड़ी)’ के पद पर कार्यभार दिया गया। इन परिवर्तनों के बावजूद, कर्मचारी का ग्रेड पे 4200 रुपये पर ही स्थिर रहा।
रेलवे प्रशासन ने यह तर्क देते हुए कर्मचारी की MACP मांग को खारिज कर दिया था कि उन्हें सेवाकाल के दौरान पहले ही दो प्रमोशन मिल चुके हैं। रेलवे के इसी रुख को कर्मचारी ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में चुनौती दी थी, जहाँ फैसला कर्मचारी के पक्ष में आया। बाद में रेलवे ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि पद परिवर्तन और पदोन्नति में बड़ा अंतर होता है। कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां निम्नलिखित हैं:कोर्ट ने कहा कि पदोन्नति तब मानी जाती है जब कर्मचारी के पदानुक्रम (Hierarchy) में वृद्धि हो और उसे वित्तीय लाभ (Financial Gain) मिले।
समान ग्रेड पे वाले पदों के बीच स्थानांतरण केवल एक प्रशासनिक और आंतरिक व्यवस्था है। इसे करियर की उन्नति या पदोन्नति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।चूंकि कर्मचारी का ग्रेड पे 4200 रुपये पर ही स्थिर रहा, इसलिए उनके पद परिवर्तन को प्रमोशन की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
MACP योजना का मुख्य उद्देश्य सेवा में ठहराव (Stagnation) को दूर करना है। यदि किसी कर्मचारी को एक निश्चित समय सीमा के भीतर नियमित पदोन्नति नहीं मिलती है, तो उसे वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) दिया जाता है। हाई कोर्ट के इस फैसले से अब उन हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनका पद तो बदला गया लेकिन ग्रेड पे समान रहने के कारण उन्हें MACP के लाभ से वंचित रखा जा रहा था।Bilaspur High Court





