बिलासपुर….किराये पर मकान देने से पहले अब मकान मालिकों को किरायेदार की पहचान और उसका पूरा ब्योरा पुलिस तक पहुंचाना होगा। बिलासपुर के नगरीय और बाहरी क्षेत्रों में अपराधों पर अंकुश लगाने तथा नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 12 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके दायरे में पहले से किराये पर रह रहे लोग भी आएंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध होगा।

पुलिस की ओर से सामने आए तथ्यों के आधार पर जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी किराये के मकानों में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। मकान मालिकों की ओर से किरायेदारों और घरेलू नौकरों की जानकारी संबंधित थाने को नहीं दिए जाने से अपराधों पर निगरानी रखने में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए किरायेदारों का सत्यापन और उनका पूरा विवरण पुलिस तक पहुंचाना अनिवार्य किया गया है।

किरायेदार का पूरा ब्योरा देना होगा

आदेश के मुताबिक, मकान मालिकों को किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र का क्रमांक दर्ज करना होगा। यह जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने के साथ किराये पर मकान देने से पहले किरायेदार की वैध पहचान सुनिश्चित करनी होगी। आदेश जारी होने से पहले से किराये पर रह रहे लोगों का विवरण भी मकान मालिकों को तत्काल पुलिस को देना होगा।

किरायेदार या उसके यहां आने वाले किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध नजर आने पर इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने या चौकी को तुरंत देनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल नए किरायेदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पहले से रह रहे किरायेदारों पर भी लागू होगी।

दो महीने तक प्रभावी रहेगा आदेश

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश जारी करने से पहले व्यक्तिगत सुनवाई संभव नहीं होने का उल्लेख करते हुए इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और जारी होने की तारीख से दो महीने तक प्रभावी रहेगा।

आदेश की प्रतियां संबंधित नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, पुलिस थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि इसकी जानकारी आम लोगों तक पहुंच सके।

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह की अपील

पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने कहा कि अप्रवासियों की जांच और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था। अब उन लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा, जो समाधान ऐप के जरिए अथवा मैन्युअल तरीके से किरायेदारों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे। उन्होंने मकान मालिकों, पीजी हॉस्टल संचालकों और किराये पर कमरे उपलब्ध कराने वालों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले सभी किरायेदारों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं।

नियम तोड़ा तो दर्ज होगा अपराध

प्रशासन ने आदेश के उल्लंघन को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध बताया है। ऐसे में मकान मालिकों के लिए किरायेदारों का सत्यापन और निर्धारित जानकारी पुलिस तक पहुंचाना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किराये के मकानों में छिपकर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।