Cg news।छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके लिए एक सप्ताह की समयसीमा निर्धारित की गई है।

जानकारी में प्राचार्यों के प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतनमान, सेवानिवृत्त प्राचार्यों के पेंशन प्रकरण, सेवानिवृत्ति आदेश लंबित होने, नवगठित जिलों में कार्यालयीन पदों की आवश्यकता और संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।

DPI ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मांगी गई जानकारी निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। पत्र में इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।

DPI ने ऐसे प्राचार्यों की जानकारी मांगी है, जो प्रथम या द्वितीय समयमान वेतनमान की पात्रता रखते हैं, लेकिन उनके प्रस्ताव अब तक संचालनालय को नहीं भेजे गए हैं। संबंधित अधिकारियों को पात्र प्राचार्यों के समयमान वेतनमान के प्रस्ताव तैयार कर भेजने होंगे।

इसके लिए पात्रता तिथि से पिछले पांच वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इन प्रतिवेदनों में समीक्षक और स्वीकृतकर्ता अधिकारी के मतांकन भी होने चाहिए। यानी केवल पात्रता की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित अभिलेखों के साथ प्रस्ताव भेजना होगा।

संचालनालय ने ऐसे सेवानिवृत्त प्राचार्यों के संबंध में भी जानकारी मांगी है, जिनके पेंशन प्रकरण के लिए ‘न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण-पत्र’ जारी करने संबंधी प्रस्ताव या पत्र अब तक DPI को नहीं भेजे गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी, ताकि लंबित प्रकरणों पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

DPI ने ऐसे प्राचार्यों और व्याख्याताओं की सूची भी मांगी है, जिनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 31 दिसंबर 2026 तक है, लेकिन जिनके सेवानिवृत्ति आदेश अब तक जारी नहीं हुए हैं।

इस जानकारी के आधार पर संबंधित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

पत्र में नवगठित जिलों के समग्र शिक्षा कार्यालय और जिला शिक्षा कार्यालय के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव भी मांगा गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह बताना होगा कि किन पदों की आवश्यकता है और उनके स्वीकृत किए जाने के पीछे क्या कारण हैं।

प्रस्ताव में पदों की जरूरत का औचित्य स्पष्ट करना होगा, ताकि संबंधित कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों पर आगे निर्णय लिया जा सके।

DPI ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इन पांच बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।