बिलासपुर…बच्चों को पढ़ाने के नए तरीके अपनाने और पढ़ाई को रोचक बनाने की कोशिशों के लिए जिले के 17 शिक्षकों को टॉप टीचर्स अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। संपर्क फाउंडेशन की ओर से जिला पंचायत सभागार में आयोजित समारोह में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिक्षकों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा पहचानने और उनमें आत्मविश्वास जगाने में शिक्षक की भूमिका कक्षा में पढ़ाए जाने वाले पाठ तक सीमित नहीं है।

कलेक्टर ने शिक्षकों से बच्चों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव बनाकर उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करने की बात कही। उनके मुताबिक, हर बच्चे की क्षमता अलग होती है। शिक्षक का प्रयास होना चाहिए कि बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिले। समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल भी मौजूद थे।

161 स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई की पहल

संपर्क फाउंडेशन ने जिले के 161 शासकीय विद्यालयों में संपर्क डिवाइस उपलब्ध कराए हैं। इनके जरिए बच्चों को ऑडियो-वीडियो और गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री से पढ़ाया जा रहा है। इस तरीके से कठिन विषयों को उदाहरणों और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाने में मदद मिलती है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने भी शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के लिए इस पहल को उपयोगी बताया। संस्था की ओर से ऐसे शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने नए प्रयोगों, समर्पण और लगातार प्रयासों के जरिए बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने की दिशा में काम किया है।

नवाचार करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन

संपर्क फाउंडेशन की स्थापना विनीत नैयर और अनुपमा नैयर ने की है। संस्था शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाने वाले शिक्षकों के प्रयासों को पहचान देना और दूसरे शिक्षकों को भी नए प्रयोगों के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक ओम पाण्डेय, सहायक कार्यक्रम समन्वयक सुनीता पाण्डेय, विभिन्न विकासखंडों के शिक्षा अधिकारी, स्रोत समन्वयक और सम्मानित शिक्षक उपस्थित थे।