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Bilaspur

सावधान: शाम 6 से आधी रात सबसे खतरनाक: बिलासपुर में 450 नशे में ड्राइविंग केस, 1300 बिना हेलमेट चालान

शाम 6 से आधी रात तक मौत की रफ्तार: 450 नशेड़ी ड्राइवरों पर शिकंजा, 1300 बिना हेलमेट पकड़े गए

बिलासपुर… शहर की सड़कों पर लापरवाही अब महंगी पड़ रही है। यातायात पुलिस की हालिया समीक्षा में सामने आया है कि शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी समयावधि को चिन्हित कर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और जनवरी से अब तक नशे में वाहन चलाने वाले 450 से अधिक चालकों तथा बिना हेलमेट वाहन चला रहे 1300 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की है।

यातायात पुलिस के अनुसार शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय भेजे गए हैं, जहां आरोपियों पर आर्थिक दंड लगाया गया। वहीं हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों से समन शुल्क वसूला गया।

आंकड़ों ने बदली रणनीति

दुर्घटनाओं के समय और कारणों का विश्लेषण बताता है कि तेज रफ्तार, लापरवाही, नशे की हालत में ड्राइविंग और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी प्रमुख वजहें हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना गंभीर हादसों में मौत का जोखिम कई गुना बढ़ा देता है। इन निष्कर्षों के बाद शाम के समय शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सघन चेकिंग बढ़ाई गई है।

आईटीएमएस से 7500 ऑनलाइन चालान

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए भी निगरानी तेज की गई है। अब तक 7500 से अधिक वाहन चालकों पर ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की जा चुकी है। गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, गलत नंबर प्लेट और खतरनाक तरीके से वाहन चलाना भी कार्रवाई के दायरे में रहा।

सख्ती क्यों जरूरी?

यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना रोकथाम केवल चालान तक सीमित नहीं हो सकती, लेकिन नियमों की अनदेखी पर त्वरित दंड से व्यवहार में बदलाव आता है। बिलासपुर में बढ़ते वाहन दबाव और व्यस्त बाजार क्षेत्रों को देखते हुए यह सख्ती प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।

अपील, लेकिन चेतावनी भी

पुलिस ने नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है, पर संकेत साफ है—नियम तोड़ने वालों के लिए अब सड़कें आसान नहीं रहेंगी। शाम का समय खास निगरानी में है और आने वाले दिनों में अभियान और तेज होने की संभावना है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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