जनरल परेड में तय हुआ एजेंडा: सड़क से मोहल्ले तक पुलिस की बढ़ेगी पकड़
पुलिसिंग अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, असर के साथ दिखनी चाहिए.. रजनेश

बिलासपुर…जनरल परेड के मौके पर पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने साफ संकेत दे दिया—पुलिसिंग अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, असर के साथ दिखनी चाहिए। परेड ड्रिल का निरीक्षण और सलामी लेने के बाद कप्तान सीधे उस बिंदु पर आए, जहां से वास्तविक पुलिसिंग शुरू होती है—जमीन पर काम का तरीका।
परेड ग्राउंड पर खड़े जवानों को संबोधित करते हुए रजनेश सिंह ने बीट सिस्टम को मजबूत करने पर जोर रखा। उन्होंने कहा, बीट सिर्फ एक औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे की पहली कड़ी है। हर जवान अपनी बीट में सक्रिय दिखे, आम लोगों को यह महसूस हो कि पुलिस आसपास है और सजग है—यही प्राथमिकता तय की गई।
ट्रैफिक व्यवस्था पर भी कप्तान ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई दिखनी चाहिए, ताकि सड़क पर अनुशासन सिर्फ अपील तक सीमित न रहे। पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने और फील्ड में निरंतर मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसी के साथ 14 अप्रैल से शुरू हुए अग्निशमन सेवा सप्ताह के संदर्भ में पुलिस की भूमिका को और व्यापक किया गया। कप्तान ने कहा, किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंचती है, इसलिए शुरुआती प्रतिक्रिया ही सबसे निर्णायक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जवानों, थाना प्रभारियों और स्टाफ को फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
ट्रेनिंग के दौरान आग की विभिन्न श्रेणियों और उनसे निपटने के तरीकों पर विशेष फोकस रहा। ठोस पदार्थों में लगी आग, ज्वलनशील तरल और गैस से जुड़ी आग—हर स्थिति के लिए अलग तकनीक की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी समझाया गया कि एबीसी कैटेगरी के फायर एक्सटिंग्विशर किस तरह तीनों प्रकार की आग पर प्रभावी होते हैं, जबकि आमतौर पर लोगों को इसकी सही जानकारी नहीं होती।
कप्तान रजनेश सिंह ने निर्देश दिए कि फील्ड में तैनात हर अधिकारी-कर्मचारी अपनी गाड़ियों में छोटा फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य रूप से रखें, ताकि किसी भी घटना के शुरुआती क्षणों में नियंत्रण संभव हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों को भी अपने घरों, संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में ऐसे उपकरण रखने के लिए जागरूक करना जरूरी है।
पुलिस का यह अभियान सिर्फ विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, बड़े व्यावसायिक भवनों, स्कूल और कॉलेजों में भी प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सप्ताहांत में रिवर व्यू क्षेत्र में सार्वजनिक प्रदर्शन के जरिए लोगों को सीधे तौर पर फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।
परेड के इस मंच से कप्तान का संदेश स्पष्ट रहा—पुलिस अब घटनाओं का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि हर स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहेगी।





