जीपीएम…..गौरेला में निकाय वोटिंग के दौरान फर्जीवाड़ा का नया मामला सामने आया है। दरअसल कुछ दिनों पहले एक युवक की मौत हो गयी। लेकिन उसने स्वर्ग की तमाम व्यस्तताओं को दरकिनार कर गौरेला आया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।  परिजनों से मिले बिना समर्थक प्रत्याशी को मृतक ने ना केवल वोट डाला। बल्कि दोनों पार्टियों के बीच झगड़ा लगाकर चला गया है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव अधिकारी से लिखित शिकायत की है। 
        मामला गौरेला का है। मृत युवक स्वर्ग से वोट देने आया। और अपनों से मिले बिना वोट डालकर चला भी गयी। मामले की जानकारी के बाद गौरेला में दोनों पार्टियों के बीच जमकर कहा सुनी हुई है। कांग्रेस ने तो चुनाव अधिकारी के सामने लिखित में शिकायत भी दर्ज करा दिया है।
मृतक के वोट ने मचाया बवाल
 जानकारी देते चलें कि 11 फरवरी को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जनता ने मतदान महापर्व में शिरकत किया। यद्यपि इस दौरान कई जगह हमेशा की तरह चुनाव आयोग को ईवीएम में खराबी की जानकारी मिली। लेकिन पहले से ही चौकन्ना आयोग ने ईव्हीएम की समस्या को समय रहते किसी तरह दूर कर लिया। लेकिन जीपीएम के गौरेला में वोटिंग के दौरान कुछ ऐसा मामला सामने आया जो अब आयोग के लिए गले की फांस साबित होने लगी है।
 जीपीएम जिले के गौरेला स्थित मिश्री देवी माध्यमिक स्कूल में वोटिंग के दौरान आश्चर्य चकित करने वाला मामला सामने आया। किसी ने बताया कि वार्ड क्रमांक 2 में 23 साल का आकाश साठे ने मतदान तो किया लेकिन किसी ने उसे मतदान करते नहीं देखा।  इस बात को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेता आपस में उलझ गए।
आयोग को भनक तक नहीं
  कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आकाश साठे की कुछ दिन पहले ही निधन हुआ है।  बावजूद इसके आकाश साठे स्वर्ग से आकर मतदान कर दिया। मजेदार बात है कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। यहां तक गौरेला में रहने वाले आकाश साठे के परिजनों को भी पता नहीं चला कि आकाश ने वोट डाल दिया है। इस बात को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जाहिर किया है। साथ ही पीठासीन अधिकारी से लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मृतक ने डाला वोट..मचा बवाल
 बहरहाल इस घटना के बाद गौरेला में खबर बिजली की तरह दौड़ गयी। लोग स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे है। लोगों ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग बार-बार मतदाता सूची पुनरीक्षण की बात करता है,। बावजूद इसके कोई ना कोई मृतक ऊपर से आकर वोट डालकर चला जाता है। किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती है। मतदाता सूची अपडेट करने में भारी लापरवाही हुई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिम है कि अभी तक कितने मृतकों ने वोट दिया और आयोग की इसकी खबर भी नहीं है।
शिकायत पर चुनाव आयोग मौन
 बहरहाल कांग्रेस की शिकायत और मामले को लेकर चुनाव आयोग से कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है। आने की संभावना भी नहीं है। लेकिन कांग्रेस ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने जीपीएम जिला प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। मतदान के दौरान गंभीर अनियमितता को लेकर मतदाताओं ने भी नाराजगी की है। लोगों ने बताया कि जब मृत व्यक्ति वोट डाल सकता है तो निष्पक्ष चुनाव की क्या गारंटी है ?