गांव से शहर तक निगरानी टाइट: बीट सिस्टम पर कप्तान का बड़ा दांव
हर बीट पर पुलिस की पैनी नजर: कप्तान का ‘ऑल एरिया कंट्रोल’ प्लान लागू

बिलासपुर…जिले में पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने के लिए बीट प्रणाली को नए सिरे से धार दी जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों और बीट स्टाफ की विस्तृत बैठक लेकर साफ संकेत दे दिया—अब हर बीट में पुलिस की मौजूदगी सिर्फ दिखेगी नहीं, असर भी छोड़ेगी।
बैठक में 60 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। फोकस साफ रहा—अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस की दृश्यता बढ़ाना और हर क्षेत्र में सतत निगरानी सुनिश्चित करना। कप्तान ने निर्देश दिए कि बीट अधिकारी अपने क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखें—चाहे वह आपराधिक हो, सामाजिक, साम्प्रदायिक, राजनीतिक या छात्र-श्रमिक गतिविधियां। नए आगंतुकों की जानकारी और क्षेत्रीय मूवमेंट पर भी लगातार अपडेट रखने को कहा गया।
कप्तान ने स्पष्ट किया कि बीट ड्यूटी अब औपचारिकता नहीं रहेगी। पुलिस रेगुलेशन के अनुसार व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाते हुए हर बीट को एक्टिव मोड में लाना होगा। गांवों में नियमित शिविर लगाकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने, आम लोगों को साइबर फ्रॉड और नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
लंबित समंस और वारंट की तामील, स्थाई वारंटियों की तलाश, अवैध शराब पर त्वरित कार्रवाई, निगरानीशुदा बदमाशों की नियमित चेकिंग और चोरी के मामलों में सक्रिय पतासाजी—इन सभी बिंदुओं को बीट स्तर पर अनिवार्य जिम्मेदारी के रूप में तय किया गया। साथ ही मोहल्लों और गांवों में बैठक कर नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने पर भी जोर रहा।
बैठक में बीट अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा भी की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों—दुर्गेश प्रजापति, सोनू पाल, विवेक राय, संजू जांगड़े, नितेश सिंह, सत्य कुमार पाटले, मनीष वाल्मीकि, शिव कुर्रे, पवन बंजारे, सज्जू अली, राहुल जगत, रंजीत खरे, देवेंद्र शर्मा, बोधुराम कुम्हार, विकास यादव, मिथलेश साहू, विनोद शास्त्री और प्रधान आरक्षक नवीन कुमार—के कार्यों की सराहना की गई और उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
कप्तान रजनेश सिंह का संदेश सीधा रहा—बीट ही पुलिसिंग की रीढ़ है। हर बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में पूरी पकड़ बनाए, तभी अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी।”
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निष्ठा और सक्रियता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए—ताकि पुलिस की मौजूदगी हर इलाके में भरोसे और सुरक्षा का एहसास बन सके।





