8th Pay Commission:केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय खुशियों की सौगात लेकर आ सकता है, क्योंकि आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और इसकी सिफारिशों को लेकर सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। जैसे-जैसे नए वेतन आयोग के लागू होने का समय करीब आ रहा है, कर्मचारियों की उत्सुकता अपनी बेसिक पे और भत्तों में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर बढ़ती जा रही है।

इस बार के बदलावों में सबसे खास बात यह है कि केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि हाउस रेंट अलाउन्स (HRA) में होने वाला इजाफा भी कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी को एक नए और ऊंचे स्तर पर ले जाएगा। विशेष रूप से लेवल 7 के कर्मचारियों के लिए यह बदलाव किसी बंपर लॉटरी से कम नहीं होने वाला है।

8th Pay Commission:भत्तों के नए गणित को समझें तो एचआरए का सीधा संबंध कर्मचारी की बेसिक पे से होता है।

वर्तमान नियमों के अनुसार, सातवें वेतन आयोग के बाद शहरों को एक्स (X), वाई (Y) और जेड (Z) श्रेणियों में बांटा गया था। चूंकि अब महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी की सीमा को पार कर चुका है, इसलिए इन शहरों में एचआरए की दरें बढ़कर क्रमशः 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो गई हैं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहर ‘एक्स’ श्रेणी में आते हैं, जबकि मध्यम आबादी वाले शहर ‘वाई’ और छोटे शहर ‘जेड’ श्रेणी का हिस्सा हैं। नए वेतन आयोग के तहत जब बेसिक सैलरी में बड़ी वृद्धि होगी, तो उसी अनुपात में एचआरए की रकम में भी भारी उछाल देखने को मिलेगा।

लेवल 7 के कर्मचारियों के लिए यह खबर सबसे ज्यादा राहत देने वाली है। यदि सरकार आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3 गुना तय करती है, तो एक मध्यम स्तर के कर्मचारी की बेसिक सैलरी छलांग लगाकर सीधे 1,34,700 रुपये तक पहुँच सकती है। इस स्थिति में, मेट्रो शहरों (X कैटेगरी) में रहने वाले कर्मचारी को केवल मकान किराये के भत्ते के रूप में 40,410 रुपये मिलेंगे।

इसी तरह वाई श्रेणी के शहरों में यह भत्ता 26,940 रुपये और जेड श्रेणी में 13,470 रुपये हो जाएगा। यह बढ़ोतरी बड़े शहरों में बढ़ती महंगाई और किराये के बोझ को कम करने में गेम-चेंजर साबित होगी। सरकार फिटमेंट फैक्टर के अलग-अलग विकल्पों जैसे 2.5 गुना या 2 गुना पर भी विचार कर सकती है, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर में भिन्नता आ सकती है, लेकिन हर परिस्थिति में कर्मचारियों के वेतन में एक सम्मानजनक वृद्धि तय मानी जा रही है।

8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा उत्साह एरियर (Arrears) को लेकर है।

जानकारों का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की कमेटी अगले साल मई-जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन सिफारिशों के अगले साल के अंत तक जमीन पर उतरने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारियों को इस साल जनवरी से प्रभावी होने वाले एरियर का भुगतान भी किया जाएगा, जिससे उनके बैंक खातों में एक साथ बड़ी रकम आएगी।