बलरामपुर..( पृथ्वी लाल केशरी)…रामानुजगंज से बलरामपुर तक बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के निर्माण में विद्युत कनेक्शन को लेकर पेच फंस गया है। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत चंदनपुर में निर्माण एजेंसी के लिए अधिग्रहित जमीन पर 20 केवीए का स्थायी विद्युत कनेक्शन पिछले तीन से चार माह से लंबित है। भूस्वामी ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता आशुतोष कुजूर पर कनेक्शन देने में अनावश्यक विलंब करने का आरोप लगाते हुए कार्यपालन अभियंता, कलेक्टर, विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम और मुख्य अभियंता को लिखित शिकायत भेजी है।

शिकायत के मुताबिक एनएच-343 के निर्माण कार्य के लिए 20 केवीए के स्थायी विद्युत कनेक्शन हेतु करीब चार माह पहले नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन का बीपी नंबर 1010583371 है। भूस्वामी का कहना है कि कनेक्शन के लिए निर्धारित शुल्क जमा करने के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज भी विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं, इसके बाद भी अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया।

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को बताया है कि बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आवेदन और जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तो आखिर कनेक्शन देने में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है। निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसी भी इस देरी के कारण प्रभावित हो रही है।

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एनएच-343 का यह निर्माण रामानुजगंज और बलरामपुर के बीच आवागमन तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण में होने वाली देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। ऐसे में विभागीय स्तर पर एक विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया महीनों तक लंबित रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

शिकायत में सहायक अभियंता आशुतोष कुजूर की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आवेदन, शुल्क और दस्तावेज जमा होने के बावजूद कनेक्शन जारी करने में विलंब किन कारणों से हुआ।

इधर, सहायक अभियंता आशुतोष कुजूर के लंबे समय से बलरामपुर जिले में पदस्थ रहने को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। शिकायत में उनके लंबे कार्यकाल और प्रभावशाली संरक्षण की आशंका जताते हुए जांच की मांग की गई है। हालांकि राजनीतिक संरक्षण के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अब निगाह शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में चार माह से बिजली कनेक्शन अटका रहने के मामले में जिम्मेदारी तय होगी या फाइलों में ही मामला चलता रहेगा। भूस्वामी ने तत्काल विद्युत कनेक्शन जारी कराने के साथ पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।