रायपुर… आभूषण बनाने के लिए कारीगर को सौंपा गया करीब 60 ग्राम कच्चा सोना अचानक गायब हो गया और कारीगर भी दुकान से लापता हो गया। करीब सात लाख रुपये से अधिक कीमत के इस सोने की चोरी के मामले में रायपुर पुलिस ने महीनों बाद आरोपी को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 40 ग्राम कच्चा सोना और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद सामान की कीमत करीब 4 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है।

मामला गोलबाजार थाना क्षेत्र के नयापारा शंकर चौक का है। यहां नंदकिशोर सोनी की एलजी डाई कटिंग की दुकान है, जहां सोने के आभूषण तैयार किए जाते हैं। पुलिस के मुताबिक, दुकान में राजू डोलाई नाम का कारीगर काम करता था। 11 जनवरी 2026 को आभूषण तैयार करने के लिए दुकान संचालक ने उसे 60 ग्राम कच्चा सोना सौंपा। राजू ने सोना दुकान की कारीगर आलमारी में रख दिया, लेकिन इसके कुछ दिन बाद वह अचानक काम पर आना बंद हो गया।

कारीगर गायब, आलमारी खुली  सोना गायब

कारीगर के अचानक गायब होने पर दुकान संचालक को संदेह हुआ। 15 जनवरी को आलमारी की जांच की गई तो उसमें रखा 60 ग्राम कच्चा सोना नहीं मिला। इसके बाद गोलबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 16/26 में धारा 306 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।

मामला लंबित संपत्ति संबंधी प्रकरणों की समीक्षा में आया तो पुलिस अधिकारियों ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच को आगे बढ़ाया।

रायपुर से राजस्थान तक तकनीकी सुराग

जांच में पुलिस ने आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर, दस्तावेज और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया। लगातार प्रयास के बाद उसकी गतिविधियों का सुराग राजस्थान के जोधपुर में मिला। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम राजस्थान रवाना हुई।

जोधपुर में आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी। तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी राजू डोलाई तक पुलिस पहुंची और उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 40 ग्राम कच्चा सोना बरामद हुआ, जबकि बाकी सोने के संबंध में पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।

यह कार्रवाई बताती है कि संपत्ति संबंधी मामलों में आरोपी के राज्य से बाहर निकल जाने के बाद भी तकनीकी जांच और लगातार फॉलोअप के जरिए पुलिस उसकी गतिविधियों तक पहुंच सकती है। मामले में बरामद सोने और आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।