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अचानक क्यों बढ़ी हलचल? छत्तीसगढ़ में बदलते समीकरण—मंत्रियों में हलचल, क्या संगठन में भी नया चेहरा?

केंद्रीय स्तर से सीधे तलब, संगठन और सरकार—दोनों में बदलाव की आहट , ढाई साल बाद परफॉर्मेंस की कसौटी

बिलासपुर/दिल्ली…प्रदेश की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के संकेत दे रही है।  मई में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में एक केंद्रीय स्तर के प्रमुख चेहरे को विशेष रूप से तलब किए जाने की खबर ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। इसी आधार पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी जा सकती है।

ढाई साल पूरे होने के बाद अब सरकार ‘परफॉर्मेंस रिव्यू’ के दौर में है। जमीनी फीडबैक और विभागीय कामकाज की समीक्षा के बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि सीमित लेकिन असरदार फेरबदल की तैयारी है—जिसमें करीब चार से पांच मंत्रियों तक बदलाव की गुंजाइश देखी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, एक-दो विभागों को लेकर असंतोष और कुछ मामलों में विवाद की गूंज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है। इसके बाद सख्त संदेश भी दिए गए हैं, जिसके चलते संबंधित जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सत्ता के भीतर संतुलन साधने की कवायद भी अब चर्चा से आगे बढ़कर अमल में दिखाई दे रही है। एक प्रभावशाली चेहरे की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ‘काउंटर बैलेंस’ लागू किए जाने की बात सामने आ रही है, जिसके कारण अंदरखाने असहजता और नाराजगी के संकेत मिल रहे हैं।

एक अन्य महत्वपूर्ण विभाग को लेकर भी चर्चा लगातार बनी हुई है। माना जा रहा है कि प्रदेश के समग्र “स्वास्थ्य” को बेहतर करने के लिए उस विभाग में भी चेहरा बदला जा सकता है। संकेत साफ हैं, लेकिन औपचारिक तौर पर कुछ भी सामने नहीं आया है।

इसके साथ ही, महिला प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक नए चेहरे को मौका दिए जाने की संभावना है। वहीं एक तेज-तर्रार और सक्रिय युवा चेहरे को सीधे सरकार का हिस्सा बनाकर नई जिम्मेदारी दी जा सकती है, ताकि जमीनी स्तर पर संदेश भी जाए और कामकाज में गति भी आए।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि प्रदेश संगठन की कमान किसी केंद्रीय चेहरे को मिलती है, तो मौजूदा संगठनात्मक नेतृत्व को सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। इससे सत्ता और संगठन के बीच नया तालमेल बनाने की रणनीति देखी जा रही है।

फिलहाल, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन दिल्ली में तय बैठकों और वहां बुलाए गए प्रमुख चेहरों को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक साथ कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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