कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में प्रसूता और नवजात शिशु की दर्दनाक मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के करीब दो महीने बाद, विभाग ने प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर दो स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जगदलपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ रोसम्मा फिशर और रजनी गजबिये को इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार मानते हुए सस्पेंड किया गया है।

यह हृदयविदारक घटना इसी साल मई महीने की है। 15 मई को प्रसव पीड़ा होने पर द्रौपदी कोमरा को भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया था।

परिजनों का आरोप है कि वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने उचित देखरेख नहीं की, जिसके बाद महिला की स्थिति बिगड़ती देख उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। 18 मई को इलाज के दौरान निजी अस्पताल में प्रसूता और उसके नवजात शिशु, दोनों ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

पीड़ित परिवार ने शुरुआत से ही अस्पताल स्टाफ पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। जब स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो न्याय की आस में परिवार ने मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोगों तक शिकायत पहुंचने और मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज की।

जांच रिपोर्ट में ड्यूटी पर तैनात नर्सों की कार्यप्रणाली में कमियां पाए जाने के बाद अब यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।