रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाज सुधारक ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि 11 अगस्त को मनाई जाती है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दलितों, महिलाओं, मजदूरों और वंचित वर्गो के अधिकारों की रक्षा तथा उनके सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी पुण्यतिथि पर प्रदेश भर में श्रद्धांजलि सभाओं के साथ विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संघ के प्रांताध्यक्ष एवं सतनामी समाज के सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम राय गुरुजी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित होंगी। इस दौरान छात्र-छात्राओं के सम्मान के साथ समाजहित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

मिनीमाता जी का जीवन सामाजिक बदलाव की लंबी लड़ाई से जुड़ा रहा। उन्होंने जाति-पाति और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई तथा दलितों के नागरिक अधिकारों के लिए सामाजिक स्तर से लेकर संसद तक संघर्ष किया। बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध के साथ उन्होंने नारी शिक्षा और महिलाओं के सामाजिक उत्थान को भी प्राथमिकता दी। मजदूरों और वंचित वर्गों के हितों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने संसद में मजबूती से उठाया।

मिनीमाता जी का जन्म 15 मार्च 1913 को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हुआ था। 18 वर्ष की आयु में उनका विवाह छत्तीसगढ़ के महान संत गुरु घासीदास जी के वंशज ठाकुर प्यारेलाल जी से हुआ। विवाह के बाद वे छत्तीसगढ़ आई और यहीं की होकर रह गईं। वर्ष 1952 में वे देश की पहली लोकसभा के लिए सांसद निर्वाचित हुई और 1972 तक लगातार संसद में छत्तीसगढ़ तथा वंचित वर्गों की आवाज उठाती रहीं।

विक्रम राय गुरुजी ने बताया कि मिनीमाता जी किसी एक समाज तक सीमित व्यक्तित्व नहीं थीं। वे छत्तीसगढ़ की ममतामयी महतारी थीं, जिनका पूरा जीवन सेवा, संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। उनकी सादगी और सेवाभावी व्यक्तित्व आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि समाज और महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य सरकार द्वारा मिनीमाता जी के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। मिनीमाता के विचार और उनका संघर्ष नई पीढ़ी तक पहुंचे, इसके लिए संघ और सतनामी समाज ने शासन से उनके जीवन दर्शन को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा उनके नाम पर संचालित योजनाओं को और प्रभावी बनाने की मांग की है।