LIVE UPDATE
Bilaspur

पेड़ से बांधकर पीटा, फिर हुई मौत—दो साल बाद अदालत ने सुनाई 10-10 साल की सजा

पर्री कांड में बड़ा फैसला—मजबूत पुलिस विवेचना से हत्या केस में दो दोषियों को सजा

सूरजपुर। (पृथ्वी लाल केसरी)..सूरजपुर की अदालत ने एक बहुचर्चित हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला उस सनसनीखेज घटना से जुड़ा है, जिसमें एक युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी।

अदालत ने साफ माना कि पुलिस द्वारा की गई मजबूत विवेचना, सटीक साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन के कारण ही अपराध साबित हो सका। फैसले को न्याय व्यवस्था में पुलिस जांच की अहम भूमिका का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

मई 2024 में हुई थी अमानवीय वारदात

घटना थाना सूरजपुर क्षेत्र के ग्राम पर्री की है। 26 मई 2024 को युवक के साथ बर्बर मारपीट की गई थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अगले दिन सूरजपुर कोतवाली में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू हुई।

अदालत ने माना—साक्ष्य मजबूत, अपराध साबित

प्रकरण की सुनवाई एडीजे डी.के. गिलहरे की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और केस डायरी को मजबूत तरीके से प्रस्तुत किया। अदालत ने आरोपी रामसाय सिंह और शिवचरण सिंह को धारा 304/34 के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोनों आरोपियों को अतिरिक्त एक वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

थाना प्रभारी की भूमिका रही अहम

मामले की विवेचना के दौरान थाना प्रभारी विमलेश दुबे ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान दर्ज करने और अभियोजन के साथ समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस की इसी सतर्कता और दस्तावेजी मजबूती ने अदालत में केस को टिकाए रखा।

न्यायालय का स्पष्ट संदेश

फैसले में अदालत ने संकेत दिया कि कानून को हाथ में लेने वालों के लिए किसी प्रकार की राहत नहीं है। पेड़ से बांधकर मारपीट जैसी घटनाओं पर सख्त नजरिया अपनाते हुए अदालत ने साफ किया कि ऐसी अमानवीय हरकतों पर कठोर दंड तय है।

  1. मजबूत विवेचना से मजबूत न्याय

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कई मामलों में शुरुआती जांच कमजोर होने से आरोपी बच निकलते हैं, लेकिन इस मामले में पुलिस ने हर तथ्य को व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड किया। यही वजह रही कि करीब दो वर्ष के भीतर अदालत फैसला सुनाने की स्थिति में पहुंची।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close