बिलासपुर… नाबालिग बच्ची को डराकर उसके परिजनों की हत्या की धमकी देते हुए लाखों रुपये और करीब 450 ग्राम सोने के जेवर ऐंठने वाले गिरोह का सरकंडा पुलिस ने 72 घंटे के भीतर पूरा नेटवर्क उजागर कर दिया। मामले में पहले गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में शामिल तीन अन्य युवकों के साथ चोरी का सोना खरीदने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस चर्चित भयादोहन प्रकरण में एक महिला सहित नौ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भयादोहन के जरिए हासिल किए गए सोने के जेवर और नगदी भी बरामद की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने नाबालिग को लगातार भयभीत कर उससे और उसके परिवार से बड़ी रकम तथा कीमती जेवर अपने कब्जे में लिए थे, जिन्हें बाद में आपस में बांटकर अलग-अलग लोगों के माध्यम से खपाने का प्रयास किया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के आधार पर पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों और अवैध रूप से सोने के जेवर खरीदने वालों तक भी पहुंच बनाई।

बुधवार को पुलिस ने प्रियम शर्मा, आकाश झा, शौर्य करोलिया, राजेश सोनी उर्फ राजू और खुशबू बुधिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इससे पहले आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडे को गिरफ्तार किया जा चुका था।

पुलिस के अनुसार, सरकंडा निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी 2025 से 1 जुलाई 2026 के बीच आरोपियों ने उसकी नाबालिग नातिन को लगातार डरा-धमकाकर तथा परिवार को जान से मारने की धमकी देकर करीब 14.50 लाख रुपये नकद और लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर अपने कब्जे में ले लिए। शिकायत के आधार पर सरकंडा थाने में भयादोहन सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने न केवल आरोपियों की भूमिका उजागर की, बल्कि भयादोहन से प्राप्त जेवर खरीदने वालों की भी पहचान कर उनके कब्जे से जेवर और नगदी जब्त की। पुलिस अब मामले के आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध रूप से हासिल संपत्ति का उपयोग और किन-किन माध्यमों से किया गया।