मारपीट हुई, चाकू नहीं चला — कस्तुरबा नगर मामले में तथ्य और अफवाह के बीच फर्क साफ
जांच कुछ और, खबरें कुछ और — कस्तुरबा नगर घटना पर सीनियर पुलिस का स्पष्टीकरण

बिलासपुर…थाना सिविल लाइन क्षेत्र के कस्तुरबा नगर में 13 जनवरी की दोपहर मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुए विवाद को लेकर शहर में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ समाचार माध्यमों में इस घटना को चाकूबाजी के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि जांच और मेडिकल परीक्षण में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं और मेडिकल रिपोर्ट में जो चोटें पाई गई हैं, वे हार्ड एवं ब्लंट ऑब्जेक्ट से लगने की श्रेणी में आती हैं। रिपोर्ट में कहीं भी चाकू या किसी धारदार हथियार से चोट का उल्लेख नहीं है।
जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान एक पक्ष से नाबालिग बालक द्वारा पेचकस से मारपीट तथा उसकी माता द्वारा महिला से हाथापाई की गई। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से महिला द्वारा ईंट फेंकने और एक अन्य नाबालिग द्वारा लोहे की रॉड से मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध किए हैं।
सीनियर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में नाबालिगों की संलिप्तता को देखते हुए किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करना कानून और स्थापित दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
घटना को लेकर तथ्यहीन शब्दों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार से क्षेत्र में अनावश्यक तनाव का माहौल बना। पुलिस जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद अलग-अलग तरह की खबरें सामने आने से आमजन में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई।
फिलहाल मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है और पुलिस स्तर पर पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जांच की जा रही है।





