दुर्ग…आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक की दुनिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि साइबर अपराधियों के हाथों में एक खतरनाक हथियार भी बनता जा रहा है। दुर्ग पुलिस ने ऐसे ही एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए उस आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने AI तकनीक का इस्तेमाल कर एक महिला की फर्जी अश्लील तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। आरोपी ने पैसे नहीं मिलने पर महिला के पति की हत्या करने और उस पर पति से तलाक लेने का दबाव बनाने तक की धमकी दी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब 24 जुलाई को पीड़िता ने थाना छावनी पहुंचकर आरोपी रविंद्र भारती के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। उसने AI तकनीक से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उन्हें इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला से पांच लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर उसके पति की हत्या कर देगा। साथ ही महिला पर अपने पति से जबरन तलाक लेने का दबाव भी बनाया।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर 30 वर्षीय रविंद्र भारती, निवासी सतनामी पारा, ठेंगाभाट, थाना धमधा, जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने AI तकनीक का उपयोग कर तस्वीरों से छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

मामले ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग कर किसी की छवि धूमिल करना, फर्जी तस्वीरें तैयार कर ब्लैकमेल करना और आर्थिक लाभ लेने की कोशिश करना तेजी से उभरता साइबर अपराध है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर किसी को धमकाना, बदनाम करना या ब्लैकमेल करना गंभीर दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति AI या डिजिटल तकनीक के जरिए अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेल करने, धमकी देने या सोशल मीडिया पर वायरल करने की कोशिश करे तो घबराएं नहीं। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल निकटतम थाने या साइबर हेल्पलाइन को दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है और तकनीक का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।