Cg news।सुकमा: समय पर बारिश न होने के कारण सुकमा जिले में किसानों की मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। फसलों की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम ने शनिवार को शासन-प्रशासन से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने जिले के तीनों ब्लॉकों में धान की फसलों की स्थिति का तत्काल सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है।

मनीष कुंजाम ने कहा कि मानसून के दौरान समय पर पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान की बालियों में समय से फूल नहीं आ पाए हैं और पौधों की बढ़वार भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इस प्राकृतिक मार के चलते अन्नदाताओं की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने की आशंका है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सुकमा जिले के तीनों प्रमुख ब्लॉकों—सुकमा, कोंटा और छिंदगढ़ में धान समेत अन्य प्रभावित फसलों का युद्ध स्तर पर सर्वे कराया जाए।

फसल के नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि प्रदान की जाए।संकट में फंसे मेहनतकश किसानों को राहत देने के लिए उनका कर्ज माफ किया जाए।

बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों की इन गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत मैदानी अमले को सक्रिय किया जाए, ताकि संकट के इस दौर में किसानों को समय रहते आर्थिक संबल मिल सके।