लोकतंत्र का महापर्व: बिलासपुर में उपचुनाव प्रक्रिया शुरू, 1 जून को मतदान
चुनावी बिगुल बजा: बिलासपुर में नामांकन के साथ बढ़ी सरगर्मी
बिलासपुर… जिले में नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। अधिसूचना जारी होते ही सोमवार से नामांकन पत्र लेने और जमा करने का सिलसिला प्रारंभ हो गया, जिससे चुनावी माहौल तेज हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार पारदर्शिता और सख्ती के साथ संपन्न कराई जाएगी।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थी 18 मई 2026 तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। इसके बाद 19 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 21 मई तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सभी औपचारिकताओं के बाद 1 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा।
इस उपचुनाव के तहत नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 29 में पार्षद पद के साथ ही जिले में दो सरपंच और 16 पंच पदों के लिए मतदान होगा। मस्तुरी विकासखंड के केंवटाडीह भूतहा ग्राम पंचायत में पूर्व सरपंच पंचराम गोड़ के आकस्मिक निधन के कारण पद रिक्त हुआ है, जबकि बिल्हा विकासखंड के मानिकपुर में पिछले पंचायत चुनाव के दौरान एक भी नामांकन पत्र प्राप्त नहीं होने से सरपंच का पद खाली रह गया था। पंच पदों के रिक्त स्थानों में बिल्हा, मस्तुरी और कोटा विकासखंड के विभिन्न ग्राम शामिल हैं।
पार्षद पद के लिए नामांकन पत्र जिला कलेक्टोरेट के भूतल स्थित कक्ष क्रमांक 25 में स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि पंचायत उपचुनाव के लिए संबंधित जनपद पंचायत कार्यालयों में नामांकन जमा किए जा रहे हैं। पार्षद चुनाव के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. ज्योति पटेल को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है और पंचायत चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदारों को सौंपी गई है।
निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान रैली, जुलूस और लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए एसडीएम और तहसीलदारों को अनुमति देने के लिए अधिकृत किया गया है।
कुल मिलाकर, बिलासपुर में स्थानीय लोकतंत्र का यह महत्वपूर्ण उपचुनाव अब पूरी गति पकड़ चुका है और प्रशासनिक तैयारियों के बीच सभी की निगाहें 1 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब मतदाता अपने नए जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे।





