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Chhattisgarh

फेरीवाले के भेष में ड्रग्स सिंडिकेट: 247 किलो गांजा के साथ गिरोह बेनकाब

नया तस्करी मॉडल फेल: फेरीवाले बनकर कर रहे थे सप्लाई, पुलिस ने तोड़ा नेटवर्क

रायपुर/महासमुंद/धमतरी… छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का एक बेहद शातिर और नया तरीका सामने आया है, जहां तस्कर कपड़े के फेरीवाले बनकर सड़क पर घूमते हुए मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। रायपुर रेंज पुलिस ने इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 247 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 98 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार तस्कर उड़ीसा से मध्यप्रदेश की ओर गांजा ले जा रहे थे और शक से बचने के लिए खुद को कपड़ा बेचने वाले फेरीवाले के रूप में पेश कर रहे थे। उन्होंने मोटरसाइकिलों की पिछली सीट पर लोहे के जालीनुमा गुप्त कम्पार्टमेंट बनवाए थे, जिनमें गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। बाहर से देखने पर यह पूरा सेटअप सामान्य फेरीवाले जैसा ही दिखाई देता था, जिससे किसी को शक नहीं होता।

महासमुंद जिले में बसना पुलिस ने घेराबंदी कर 5 आरोपियों को 215 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया। वहीं एक अन्य कार्रवाई में कोमाखान थाना क्षेत्र में 23 किलो गांजा के साथ 3 आरोपियों को पकड़ा गया। इसी तरह धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान 131 किलो गांजा के साथ 2 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 7 मोटरसाइकिलें, कई मोबाइल फोन और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए विशेष लोहे के जाल भी जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा उड़ीसा के बालिगुड़ा क्षेत्र से लाया जा रहा था और अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था, जिससे यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है।

रायपुर रेंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गांजा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करों के हर नए तरीके को नाकाम किया जाएगा। लगातार चेकिंग और निगरानी के चलते इस बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव हो पाया है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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