teacher in jail/बिलासपुर। 10 महीने तक कार्रवाई से बचते रहे शिक्षा विभाग के चर्चित फर्जी मेडिकल बिल घोटाले में सीपीसी व शिक्षक नेता साधेलाल पटेल को पुलिस ने ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है। बीते पांच दिन पहले सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किया था। पुलिस ने शिक्षा नेता की पत्नी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया है।

teacher in jail/पौंसरा में पदस्थ संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी मेडिकल बिल लगाए। बीईओ की जांच में खुलासा हुआ कि साधेलाल ने मृत सहायक शिक्षक नरेंद्र कुमार चौधरी के नाम पर 33 हजार रुपये के बिल को फर्जी तरीके से 5.33 लाख रुपये बनाकर बिल पास करा लिया। अपनी पत्नी और खुद के नाम पर भी फर्जी बिल लगाकर करीब 30 लाख रुपये का घोटाला किया। सौरभ मजूमदार की शिकायत और बीईओ दफ्तर से मिले सबूतों के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को आरोपित साधेलाल पटेल के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

शिक्षा विभाग ने फरवरी में साधेलाल पटेल को निलंबित कर एफआईआर कराने का आदेश दे दिया था। 10 महीने तक एफआईआर न होने से सवाल उठने लगे थे, आखिरकार घोटालेबाज शिक्षक को बचा कौन रहा है और किसका राजनीतक संरक्षण मिल रहा है।

जांच में पाया गया कि आरोपी शिक्षक ने अपने पद का गलत फायदा उठाया और फर्जी बिल-रसीदें तैयार कीं। मृत कर्मचारी के नाम का इस्तेमाल कर इतना बड़ा घोटाला करने से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

सीएसपी बिलासपुर गगन कुमार ने बताया, फर्जी मेडिकल बिल और कागजात तैयार कर पैसे निकालने की शिकायत ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में धारा 420, 467 सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के द्वारा साधेलाल पटेल शिक्षक एवं संकुल समन्वयक पौसरा के विरूद्ध फर्जी चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक प्रस्तुत करने संबंधी शिकायत की जांच कराई गई। जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा अपने पत्र 12 सितंबर 2025 के माध्यम से जान प्रतिवेदन इस कार्यालय में प्रस्तुत किया गया हैं। जांच प्रतिवेदन में इन अनियमितता की पुष्टि होती है।

साधेलाल पटेल द्वारा स्वयं के नाम से सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बिलासपुर से 773564 रू. का चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक स्वीकृत कराकर भुगतान हेतु कार्यालय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बिल्हा में प्रस्तुत किया गया। जबकि मेडिकल स्टोर द्वारा प्रदत्त नया देयक 77,000 रू. का हैं, जो कि असीम वर्मा के नाम से हैं।

साधेलाल द्वारा उमाशंकर चौधरी सहा. शिक्षक शाला बन्नाकडीह का 5,42,535 रू. का मेडिकल देयक सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बिलासपुर से स्वीकृत किया गया। दस्तावेज निरीक्षण में पाया गया कि रू. 5.42.535 का चिकित्सा देयक उमाशंकर चौधरी सहा. शि.प्रा.शाला बन्नाकडीह के नाम से है जबकि मेडिकल स्टोर द्वारा प्रदत्त किया गया देयक 1,43,000 रू. का है जो कि असीम वर्मा के नाम से हैं।teacher in jail

साधेलाल पटेल द्वारा राजकुमारी पटेल (पत्नी श्री साधेलाल पटेल) प्रपाठक शास प्राथ. शाला दैहानपारा बैमा के नाम से 4,03,327 रू. का मडिकल देयक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय विल्हा में प्रस्तुत किया गया। जबकि मेडिकल स्टोर द्वारा प्रदत्त देयक 27000 रु का है।

नरेन्द्र कुमार चौधारी सहा शि.बिजौर की मृत्यु के एक वर्ष पश्चात साधेलाल पटेल द्वारा चौधरी के नाम से 5,33,123 रू. का मेडिकल देयक प्रस्तुत किया, जिसमें कुल 32000 रु. का मेडिकल बिल लगा हुआ है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बिलासपुर हांडा लिखित में दिये गये जानकारी अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक की राशि 33,123 रू. में प्रतिहस्ताक्षर किया गया है. जिसमें कूटरचना एवं छेड़‌छाड़ कर 5.33,123 कर दिया गया। उक्त विल कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्ह से स्वीकृत हो चुका हैं तथा भुगतान हेतु कोपालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।

साधेलाल पटेल द्वारा राजकुमारी पटेल के नाम से 7.32.841 रू. के चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बिलासपुर से स्वीकृत कराकर जमा कराया गया। जबकिं राजकुमारी पटेल के नाम से 33,000 रू के मेडिकल रसीद संलग्न होने की जानकारी दी गई।

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बिलासपुर के अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों राशि 33.123 व 40947 रू. आहरित कर संबंधितों को भुगतान हो चुका है, परन्तु उक्त दोनों देयकों की राशि में कुटरचित कर पुनः नरेन्द्र कुमार चौधरी को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा के द्वारा राशि 4.33.123 आहरित कर भुगतान किया गया व राजकुमारी पटेल को राशि 2,40,947 आहरित कर भुगतान किया गया।

साधेलाल पटेल का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं 16 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता हैं। एतद्वारा जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर से प्राप्त प्रस्ताव एवं छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1980 के नियम-9 (1) (क) के तहत साधेलाल पटेल शिक्षक एवं संकुल समन्वयक पौसरा ओ निल्रबित किया जाता हैं तथा इनका मुख्यालय कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी रतनपुर जिला बिलासपुर नियत किया जाता हैं। निलंबन अवधि में साधेलाल पटेल संकुल समन्वयक पौसरा (मूल पद शिक्षक एल.बी.) को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता मिलेगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।