सूरजपुर।आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर में विकास योजनाओं की प्रगति और निर्धारित संकेतकों की स्थिति की समीक्षा की गई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति आयोग, नई दिल्ली के अधिकारी श्री मुखर्जी भी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, पेयजल, स्वच्छता, आवास, अधोसंरचना और वित्तीय समावेशन से जुड़े कार्यो की विभागवार समीक्षा की गई।

बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण के संकेतकों पर विशेष ध्यान दिया गया। संस्थागत प्रसव, जन्म के समय बच्चों का वजन, आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और शौचालय की सुविधाओं की जानकारी ली गई। नीति आयोग के प्रतिनिधि श्री मुखर्जी ने टीबी मरीजों की समय पर पहचान, उपचार और बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कुपोषण को दूर करने के लिए परिणाम देने वाली कार्ययोजना के साथ काम करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पाइपलाइन से पेयजल, शौचालय और स्वच्छता की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवासीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न के सुरक्षित रखरखाव के साथ साफ-सफाई और बच्चों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने को कहा गया।

कृषि एवं संबद्ध विभागों के कार्यों की समीक्षा में पीएम किसान योजना, पशु टीकाकरण, भूजल की स्थिति और सॉयल हेल्थ कार्ड की प्रगति देखी गई। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड देने के साथ उनकी जमीन में मौजूद पोषक तत्वों और मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी भी दी जाए। इसके लिए गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को मृदा स्वास्थ्य और संतुलित खेती की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत प्रतापपुर में पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से घर-घर नियमित पानी पहुंचने की जानकारी लेते हुए शेष घरों को भी जलापूर्ति से जोड़ने के निर्देश दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय और स्वच्छता की स्थिति देखी गई।

भारतनेट के तहत ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों में डिजिटल नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत मकानों की प्रगति और निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। सामाजिक विकास के तहत स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच की जानकारी ली गई। अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने और वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग के 11 संकेतकों की समीक्षा के दौरान स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर रेना जमील ने सभी विभागों को आकांक्षी विकासखंड के निर्धारित संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन के लिए आपसी समन्वय से काम करने और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

नीति आयोग के अधिकारी श्री मुखर्जी ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पेयजल, स्वच्छता और सामाजिक विकास के क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए काम करने की बात कही।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले, डिप्टी कलेक्टर रमेश मोर, प्रतापपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित कृषि, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।