प्लांट विस्फोट का कहर जारी: घायल मजदूर ने तोड़ा दम, मौतों का आंकड़ा बढ़ा
वेदांता हादसा: एक और सांस थमी, 35 झुलसे—लापरवाही की परतें खुलने लगीं

रायगढ़ | वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गंभीर रूप से घायल झारखंड निवासी मनीष कुमार ने मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है।
अस्पतालों में इलाज जारी, कई की हालत नाजुक
हादसे में घायल 9 मजदूरों का रायगढ़ जिले के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार जारी है। इनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है, लेकिन परिजनों की चिंता कम नहीं हो रही।
जिंदल अस्पताल में सबसे ज्यादा भर्ती
जिले के जिंदल अस्पताल में 6 घायलों का इलाज चल रहा है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल परिसर के बाहर परिजन लगातार अपने अपनों के स्वस्थ होने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।
35 मजदूर झुलसे, कई परिवारों पर असर
इस हादसे में अब तक कुल 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। इनमें से चार की मौत मौके पर ही हो गई थी। मृतकों में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के श्रमिक शामिल हैं, जिससे कई परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक संकट गहराया है।
14 अप्रैल को हुआ था विस्फोट
घटना 14 अप्रैल की दोपहर की है, जब वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर-1 में ट्यूब फटने से जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि बॉयलर की संरचना को भारी नुकसान पहुंचा।
जांच में लापरवाही के संकेत
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामियों और लापरवाही के संकेत सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, समस्याओं के बावजूद प्लांट का संचालन जारी रखा गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।





