Operation Sindoor LIVE,Rajasthan News-भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है. वहीं दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनती जा रही है. चूकि राजस्थान के पाकिस्तान बॉर्डर से बेहद करीब है तो ऐसे में यहां संवेदनशील स्थिति बनी हुई है. हालांकि सेना सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है और शहर में प्रशासन भी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही हैं. वहीं इस बीच सभी विभागों में छुट्टियां रद्द की जा रही है. राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आपदा प्रबंधन को देखते हुए सभी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टी अलगे आदेश तक के लिए रद्द कर दी है.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत सभी चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के अवकाश आगामी आदेशों तक निरस्त कर दिए हैं. साथ ही, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि सीमावर्ती एवं अन्य क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से विभाग ने एहतियान कदम उठाते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं. इसके तहत विभाग में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए हैं. साथ ही, सभी चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सक्षम स्तर से अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोडें.

आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत राज्य स्तर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय में स्थापित कंट्रोल रूम (0141-2225624) में सुचारू व्यवस्था हेतु 8 अधिकारियों एवं कार्मिकों को नियोजित किया गया है. ये सभी अधिकारी बीकानेर एवं जोधपुर संभाग के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए चिकित्सा संस्थानों में मानव संसाधन, ब्लड, दवा, जांच, उपकरण, ओटी, आईसीयू, एम्बुलेंस सहित अन्य संसाधनों की समुचित उपलब्धता एवं संचालन सुनिश्चित करेंगे.

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि कंट्रोल रूम के प्रभारी अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. प्रवीण असवाल होंगे. मुख्यालय में स्थित विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कार्मिक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे और चिकित्सा संस्थानों में संसाधनों के संबंध में नियमित मॉनिटरिंग करेंगे.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सीमावर्ती 12 जिलों हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जालोर, सिरोही, पाली, बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर एवं फलौदी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इन जिलों के सीएमएचओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी चिकित्सकों एवं कार्मिकों के अवकाश निरस्त करते हुए उन्हें मुख्यालय पर रहने हेतु पाबंद करें. जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित करें. आशा, एएनएम एवं सीएचओ के माध्यम से सीमावर्ती गांवों की गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांग एवं गंभीर व क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित रोगियों की लाइन लिस्ट तैयार कर इन्हें अपनी निगरानी में रखें. सभी चिकित्सा संस्थानों पर दवाओं, उपकरणों एवं जांचों की समुचित उपलब्धता हो. साथ ही, चिकित्सा उपकरण क्रियाशील स्थिति में हों.

सीएमएचओ को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राजकीय एवं निजी ब्लड बैंकों के माध्यम से सभी ग्रुप के ब्लड की पर्याप्त उपलब्धता रखें. चिकित्सा संस्थानों पर उपलब्ध ऑपरेशन थियेटर एवं उपकरण क्रियाशील एवं उपयोग लेने योग्य हों. सभी एम्बुलेंस में दवा, ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध व क्रियाशील हों. निजी चिकित्सालयों एवं प्रयोगशालाओं को भी चिन्हित कर आवश्यकता होने पर उनमें जांच व उपचार उपलब्ध करवाया जाए. जिले के होमगार्ड, पुलिसकर्मियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों, एनसीसी एवं स्काउट आदि को प्राथमिक उपचार तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स कार्यक्रम का प्रशिक्षण तुरंत प्रभाव से दिया जाए.

पहलगाम में हुए आतंकी हमले की प्रतिक्रिया के तौर पर भारतीय सेना द्वारा किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. वहीं, राजस्थान के पुलिसकर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. केवल विशेष परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को अवकाश दिया जाएगा.

इसके लिए जिला एसपी, डीसीपी या कमांडेंट द्वारा ही स्वीकृति जरूरी होगी. इस संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) विशाल बंसल ने आदेश जारी कर दिए हैं. गुरुवार (8 मई) को सभी रेंज आईजी, कमिश्नर सहित जिला एसपी, डीसीपी एवं कमांडेंट को ईमेल भेजकर सख्त निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस मुख्यालय से आधिकारिक आदेश जारी

बंसल ने बताया कि प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है. हालांकि, पहलगाम हमले के बाद से ही पुलिसकर्मियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. मौजूदा हालात और सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए गुरुवार को पुलिस मुख्यालय से आधिकारिक आदेश जारी किए गए.

अग्रिम आदेश तक छुट्टियों पर रहेगी रोक

आदेश के अनुसार अग्रिम आदेश तक अवकाशों पर प्रतिबंध जारी रहेगा. इसके साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को अपने मुख्यालयों पर बने रहने के लिए आदेश दिए गए है. साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए 24 घंटे ड्यूटी पर उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है.