भारतीय स्कूली शिक्षा के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है, जो रट्टा मारकर परीक्षा पास करने की परंपरा को हमेशा के लिए बदल देगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अगले सत्र यानी 2026-27 से 9वीं कक्षा के लिए ओपन बुक असेसमेंट स्ट्रैटजी (OBAS) को लागू करने की तैयारी कर ली है।

सीबीएसई की पाठ्यक्रम समिति द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव को गवर्निंग बॉडी ने अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हो गया है।

ये खबर भी पढ़ें…
BSc Computer Science या BCA…12वीं के बाद कौन सा कोर्स चुनें?
BSc Computer Science या BCA…12वीं के बाद कौन सा कोर्स चुनें?
12वीं के बाद IT सेक्टर में करियर बनाने वालों के लिए BSc कंप्यूटर साइंस और BCA लोकप्रिय विकल्प हैं. जानें...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह ऐतिहासिक कदम स्कूली शिक्षा के लिए बने नेशनल कैरिकुलम फ्रेमवर्क ऑफ स्कूल एजुकेशन (NCFSE) 2023 की सिफारिशों से सीधे तौर पर जुड़ा है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा को रटने की पद्धति से निकालकर योग्यता-आधारित और समझ-आधारित बनाना है।

इस नई व्यवस्था का लक्ष्य बच्चों में विषयों को केवल याद रखने की बजाय उसे गहराई से समझने और असल जीवन में उसके उपयोग की क्षमता विकसित करना है। इससे छात्रों में किसी भी विषय पर तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
शिक्षकों को अपने TET-STET सर्टिफिकेट शिक्षा विभाग को देने होंगे, जानें क्यों लिया गया ये फैसला
शिक्षकों को अपने TET-STET सर्टिफिकेट शिक्षा विभाग को देने होंगे, जानें क्यों लिया गया ये फैसला
बिहार में 2015 तक TET-STET से नियुक्त शिक्षकों के वेरिफाइड सर्टिफिकेट फिर मांगे गए हैं. वहीं, B.Ed से प्राथमिक स्कूलों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस योजना के तहत, मुख्य विषयों के लिए प्रत्येक सत्र में होने वाले तीन पेन-पेपर मूल्यांकनों में ओपन बुक असेसमेंट को शामिल किया जाएगा। इसका मतलब यह नहीं है कि छात्र सीधे किताब से नकल करेंगे, बल्कि उन्हें परीक्षा के दौरान रेफरेंस मैटेरियल या किताबों का उपयोग करने की अनुमति होगी ताकि वे जानकारी को ढूंढकर अपने शब्दों में प्रश्नों का उत्तर दे सकें।

सीबीएसई इसके लिए स्टैंडर्डाइज्ड मॉडल पेपर और स्पष्ट दिशानिर्देश भी जारी करेगा, जिससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उन्हें अपने ज्ञान का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कैसे करना है।

ये खबर भी पढ़ें…
स्कूलों में  दशहरा-दीपावली की छुट्टी बढ़ाने की मांग, भाई दूज पर भी अवकाश नहीं
स्कूलों में  दशहरा-दीपावली की छुट्टी बढ़ाने की मांग, भाई दूज पर भी अवकाश नहीं
जगदलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस पहल का सबसे बड़ा और सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ेगा। इससे न केवल उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि परीक्षा का डर और रटने की प्रवृत्ति भी जड़ से खत्म होगी। यह फैसला सिर्फ परीक्षा का तरीका नहीं, बल्कि सोचने और सीखने का नजरिया बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य के लिए बेहतर और काबिल नागरिक तैयार करेगा।