बिलासपुर… एक नया विचार, किसी बड़ी समस्या का छोटा-सा समाधान और उसे हकीकत में बदलने का मौका। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ में प्रतिभागियों को ऐसा ही अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिता में 10 अलग-अलग क्षेत्रों से नए और उपयोगी विचार आमंत्रित किए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र से पांच विजेताओं का चयन होगा। इस तरह कुल 50 विजेताओं को 10-10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। प्रतियोगिता के लिए कुल पांच करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

 कॉलेज में विद्यार्थियों को बताया अवसर

प्रतियोगिता की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बिलासपुर ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि नवाचार केवल नए आविष्कार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का उपयोगी समाधान भी एक प्रभावी विचार बन सकता है। विद्यार्थियों को अपने विचारों को उद्यमिता से जोड़ने और प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक कविता दर्गे, प्रबंधक रेवती कुमार लहरे, आरती झलारिया, सुनील कुमार पाण्डेय और उत्तम कुमार दुबे ने प्रतियोगिता के उद्देश्य, प्रक्रिया और अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचार प्रस्तुत करने तथा उन्हें व्यावहारिक रूप देने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

17 अक्टूबर तक पंजीयन, दूसरे भी लेंगे हिस्सा

इस प्रतियोगिता में केवल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि अन्य इच्छुक प्रतिभागी और नवाचारकर्ता भी शामिल हो सकते हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026 है। इच्छुक प्रतिभागी sevainnovationchallenge.in पर आवेदन कर सकते हैं।

विद्यार्थियों से अपने परिचितों, दूसरे शिक्षण संस्थानों और नवाचार में रुचि रखने वाले लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें।

कार्यक्रम में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।