बिलासपुर.. मां महामाया और गिरजाबंध हनुमान लला के जयकारों के बीच बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को भव्य ध्वजा यात्रा का शुभारंभ हुआ। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही इस यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी शामिल हुए। पहले दिन नवागांव, ओछिनपारा, सरवनदेवरी, लखराम, गड़वट, बाम्हू सहित विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं ने ढोल-मांदर और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ यात्रा का स्वागत किया। करीब 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा मां महामाया मंदिर, रतनपुर में ध्वजा अर्पित करने के साथ पूरी होगी।

यात्रा की शुरुआत गिरजाबंध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुई। पहला पड़ाव नवागांव रहा। इसके बाद ओछिनपारा चौक में रतनपुर मंडल भाजपा के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। खैरखुंडी होते हुए यात्रा सरवनदेवरी पहुंची, जहां सरपंच शकुंतला काछी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढोल-मांदर की थाप के बीच स्वागत किया। लखराम में सरपंच और ग्रामीणों के साथ कैवर्त एवं धीवर समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इसके बाद यात्रा गड़वट और बाम्हू होते हुए टेकर पहुंची।

पहले दिन की यात्रा का समापन टेकर में हुआ। यहां सचिन तिवारी की टीम ने माता के जगराते की प्रस्तुति दी। भजनों और भक्ति संगीत के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि ध्वजा यात्रा आस्था, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उनके मुताबिक, विभिन्न गांवों में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों की भागीदारी धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। गांवों में पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ हो रहा स्वागत क्षेत्र की लोकसंस्कृति और जनभागीदारी को दर्शाता है।

ध्वजा यात्रा सोमवार, 12 अक्टूबर को टेकर से आगे बढ़ेगी। दूसरे दिन गिधौरी, नेवसा, उसराभांठा, जाली, बेलतरा, बेलपारा, सलखा, बरपाली, धोरामुड़ा, करमा, बसहा, गोपालपुर और भिल्ली होते हुए यात्रा भांड़ी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है।

आयोजकों के अनुसार, यात्रा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी। अंतिम चरण में मां महामाया मंदिर, रतनपुर में ध्वजा अर्पित की जाएगी। पहले दिन गांवों में हुए स्वागत के बाद अब यात्रा के अगले पड़ावों की तैयारी है।