बलरामपुर(पृथ्वीलाल केशरी)..कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा की अध्यक्षता में आज आयोजित समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं किए जाने की चेतावनी देते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिन विकासखंडों में आवास निर्माण की रफ्तार धीमी है, वहां लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने और निरंतर मॉनिटरिंग करने की बात कही गई।

कलेक्टर ने लोक सेवा केन्द्र, राजस्व प्रकरण, नामांतरण, भू-अर्जन तथा न्यायालयीन मामलों की समय-सीमा में समीक्षा करते हुए समाधान प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, यूरिया खाद का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने, कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने और डिस्चार्ज के बाद लगातार फॉलोअप रखने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, अभिषेक गुप्ता, तथा सभी अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में, जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से जिले के युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किया जा रहा है। वाड्रफनगर, रामचंद्रपुर, बलरामपुर, राजपुर और शंकरगढ़ में चल रहे इस कार्यक्रम में प्रत्येक बैच में 35 प्रशिक्षार्थियों को शामिल कर 30 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सीईओ ने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को गुणवत्ता पूर्ण और निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद करेगा। साथ ही, इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी। प्रशासन की इस पहल से आवास निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।