MP Board 5th-8th Result 2026।भोपाल: मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए लगभग 24.90 लाख छात्रों के लिए खुशखबरी है। राज्य शिक्षा केंद्र ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तारीखों का ऐलान कर दिया है। गुरुवार, 5 मार्च 2026 से प्रदेश भर में कॉपियों की जांच का काम शुरू होगा, जो 14 मार्च तक चलेगा। विभाग की योजना मार्च के अंतिम सप्ताह तक परिणाम घोषित करने की है, ताकि 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।

​पारदर्शिता के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति।MP Board 5th-8th Result 2026

​इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं:

  • ​औसत अंक पर प्रतिबंध: मूल्यांकनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी छात्र को ‘एवरेज मार्किंग’ (औसत अंक) नहीं दी जाएगी।
  • ​रैंडम चेकिंग: जांची गई कॉपियों में से 5% कॉपियों का दोबारा निरीक्षण रैंडम आधार पर किया जाएगा ताकि मूल्यांकन की गुणवत्ता बनी रहे।
  • ​स्वयं के केंद्र पर रोक: कोई भी शिक्षक अपने स्वयं के जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों की कॉपियां नहीं जांच सकेगा।
  • ​मोबाइल बैन: मूल्यांकन केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

​1 लाख शिक्षक संभालेंगे जिम्मा

​मूल्यांकन कार्य के लिए प्रदेश भर में करीब 1 लाख शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। खास बात यह है कि इस बार सरकारी शिक्षकों के साथ-साथ लगभग 20 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक और अतिथि शिक्षक भी कॉपियों की जांच में सहयोग करेंगे। मूल्यांकन का कार्य ब्लॉक स्तर पर बनाए गए समन्वयक केंद्रों पर संपन्न होगा।

​महत्वपूर्ण तिथियां और आंकड़े

  • ​मूल्यांकन अवधि: 5 मार्च से 14 मार्च 2026
  • ​संभावित परिणाम: 25 से 30 मार्च 2026
  • ​कुल छात्र: लगभग 24 लाख 90 हजार
  • ​कुल स्कूल: 1 लाख 10 हजार 615 (शासकीय, निजी और मदरसे)
  • ​पूरक परीक्षा: जो छात्र मुख्य परीक्षा में सफल नहीं होंगे, उनके लिए जून 2026 में पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी।

​फरवरी में हुई थी बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा

​कक्षा 5वीं की परीक्षाएं 20 से 26 फरवरी और 8वीं की परीक्षाएं 20 से 28 फरवरी के बीच दोपहर के सत्र में आयोजित की गई थीं। इसके लिए पूरे प्रदेश में 12,920 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। राज्य शिक्षा केंद्र का मुख्य लक्ष्य समय पर ऑनलाइन अंकों की फीडिंग सुनिश्चित करना है ताकि छात्रों को नए सत्र की शुरुआत से पहले अपनी मार्कशीट मिल सके।