रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ‘अभियान संवेदना’ के तहत महिला संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड थाना पुलिस ने एक शासकीय स्कूल के नोडल प्रभार संभाल रहे गणित व्याख्याता को गिरफ्तार कर लिया है।

महिला सहकर्मी (स्टाफ) से कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, छेड़छाड़, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना और लज्जा भंग करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी वीर सिंह (39 वर्ष) को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पीड़िता ने 13 अगस्त को थाना कोतरारोड में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि स्कूल में गणित विषय का व्याख्याता और नोडल प्रभारी वीर सिंह महिला स्टाफ के साथ लंबे समय से अनुचित एवं अमर्यादित व्यवहार कर रहा था।

शिकायत की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतरारोड पुलिस ने तत्काल प्रभाव से आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75 और 79 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस के समक्ष दर्ज कराए गए बयानों के अनुसार पीड़िता ने आरोपी व्याख्याता के निम्नलिखित कारनामों का खुलासा किया।

शासकीय अवकाश (Leave) मांगने या अन्य प्रशासनिक मौकों पर आरोपी महिला को अनुचित रूप से अपने साथ कार या ट्रेन से चलने, घर छोड़ने और अपने घर आने जैसी अमर्यादित बातें कहता था।

शासकीय दस्तावेजों के लेन-देन के दौरान गलत नीयत से हाथ छूने की कोशिश करना, ड्यूटी निरीक्षण के बहाने खिड़की से लगातार घूरना और स्कूल की डेली डायरी को झटककर फेंक देना जैसी हरकतें करता था।

पीड़िता ने बताया कि तबीयत खराब होने पर जब वह कक्षा में बैठकर पढ़ा रही थी, तब आरोपी ने बच्चों के सामने ही उसे बेइज्जत और अपमानित किया। इस लगातार उत्पीड़न से पीड़िता गंभीर मानसिक तनाव में आ गई थी।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामले की विवेचना, चश्मदीदों के साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होने पर कोतरारोड पुलिस ने 14 अगस्त को आरोपी वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है।