बिलासपुर…शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए फर्जी दस्तावेज़ों से नियुक्ति, अनुशासनहीनता और विद्यालय संचालन में अनियमितताओं जैसे गंभीर मामलों में एक साथ तीन शिक्षकों को निलंबित किया है।

फर्जी दस्तावेज़ों से नियुक्ति 

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघरी, जिला बिलासपुर के शिक्षक रविन्द्र बागड़े की नियुक्ति में फर्जी दस्तावेज़ों के उपयोग का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सेवा में प्रवेश हेतु उन्होंने आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त नहीं की थीं । विभागीय आदेशों का भी पालन नहीं किया।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित  मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली निर्धारित किया गया है।

अनुशासनहीनता और लापरवाही पर गाज

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तुरुपा, विकासखंड कटघोरा कोरबा के शिक्षक भानु यादव लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहे और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरती। 12 अगस्त को कारण बताओ नोटिस दिया गय। जवाब असंतोषजनक पाया गया। विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोरबा तय किया है।

 संचालन में अनियमितता, प्रधान पाठक निलंबित

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंगला बिल्हा की प्रधान पाठक  सावित्री शर्मा के खिलाफ विद्यालय संचालन में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत सामने आई थी। 13 सितम्बर को प्रकाशित समाचार के आधार पर हुई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार सावित्री शर्मा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से लापरवाह है। स्कूल में बच्चों के बीच गुणवत्ता हीन भोजन परोसा गया।जो नियमों निर्देशों के पूरी तरह खिलाफ है।

रिपोर्ट के आधार पर। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया है। विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में तीनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।