बिलासपुर…कथित ‘वोट चोरी’ और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में गुरुवार को बिलासपुर में इंडिया गठबंधन के घटक दल सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस कार्यालय से निकली पदयात्रा रैली में बदली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। कलेक्टोरेट के सामने सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई।

प्रदर्शन की अगुवाई कोटा विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक शैलेष पाण्डेय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेन्द्र गंगोत्री, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र सिंह, जितेंद्र पाण्डेय समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने की। इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक एवं स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई। गठबंधन ने आरोप लगाया कि पिछले दस महीनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा लिए गए कई फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया।

एसआईआर पर भी सवाल

ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए गए। गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और निर्वाचन आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था को दिल्ली में केंद्रीकृत करने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई। विपक्ष ने इन फैसलों को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़ते हुए स्वतंत्र समीक्षा की मांग की।

अटल श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद है। मतदाता सूची से लेकर चुनाव संचालन तक किसी भी स्तर पर संदेह पैदा होता है तो उसका जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकार और चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए है।

शैलेष पाण्डेय ने कहा कि जनता के वोट के अधिकार से बड़ा कोई अधिकार नहीं है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर यदि सवाल उठ रहे हैं तो उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

प्रमोद नायक ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि वोट जनता का है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है।

भाजपा से कथित नजदीकी का भी लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा से कथित नजदीकी के आरोप भी लगाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय में ज्ञानेश कुमार के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने उन्हें भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति तक बताया और केंद्र सरकार पर निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता प्रभावित करने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने अमित शाह पर भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

चक्काजाम के कारण कलेक्टर कार्यालय के सामने कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के बैठने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई।