बिलासपुर… शहर और जिले की सड़कों पर दौड़ने वाले ऑटो अब सिर्फ नंबर प्लेट से नहीं, बल्कि डिजिटल पहचान से भी पहचाने जाएंगे। यातायात पुलिस ने जिले में संचालित सभी प्रकार के ऑटो और उनके चालकों के लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था शुरू कर दी है। पंजीयन के बाद ऑटो से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी। तय अवधि के बाद बिना पंजीयन और क्यूआर कोड के चलने वाले ऑटो पर पुलिस विशेष निगरानी रखेगी।

यातायात पुलिस के मुताबिक ऑटो चालक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे। इसमें चालक और वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। अभियान का औपचारिक शुभारंभ आज शाम 3 बजे चेतना भवन, पुलिस लाइन में होगा। कार्यक्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे ने बताया कि ऑटो चालकों के साथ कई दौर की बैठकें कर उन्हें इस व्यवस्था की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीयन के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद बिना पंजीयन और क्यूआर कोड के ऑटो संचालन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उनका कहना है कि व्यवस्था का उद्देश्य जिले में संचालित ऑटो की पहचान को व्यवस्थित करना और सार्वजनिक परिवहन में निगरानी को मजबूत करना है।

मोबाइल चलाने में दिक्कत तो मदद करेगा शहर

ऑटो चालकों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो ऑनलाइन या मोबाइल आधारित प्रक्रिया के अभ्यस्त नहीं हैं। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने आम नागरिकों, युवाओं और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से भी सहयोग की अपील की है। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड से जुड़े छात्र-छात्राएं भी जरूरत पड़ने पर ऑटो चालकों को क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीयन कराने में मदद कर सकेंगे।

क्यूआर कोड, डिजिटल पहचान का आधार

पुलिस के अनुसार पंजीयन पूरा होने के बाद ऑटो और चालक से संबंधित जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेगी। इससे किसी ऑटो की पहचान करना और उससे जुड़ी जानकारी तक पहुंचना आसान होगा। यातायात पुलिस का जोर जिले में संचालित सभी ऑटो का जल्द से जल्द पंजीयन पूरा कराने पर है।

करियारे ने सभी ऑटो चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी कार्रवाई का इंतजार किए बिना तत्काल ऑनलाइन पंजीयन पूरा कराएं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि जिन ऑटो चालकों को ऑनलाइन पंजीयन में परेशानी हो, उनकी प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करें।