ias divya mittal /उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल (divya mittal)के हालिया इस्तीफे ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। लेकिन इस इस्तीफे के साथ ही उनके पति और पूर्व अधिकारी गगनदीप सिंह ढिल्लों की प्रेरणादायक कहानी भी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

ias divya mittal /यह एक ऐसे दंपति की कहानी है जिन्होंने सात समंदर पार लाखों के पैकेज वाली नौकरी ठुकराई, भारत आकर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास की और फिर करियर के एक मोड़ पर आकर सिविल सेवा को अलविदा कह दिया।

गगनदीप और दिव्या (ias divya mittal ) की जोड़ी किसी समय कॉर्पोरेट जगत का चमकता सितारा थी। दिव्या मित्तल जहां लंदन में प्रतिष्ठित निवेश बैंक जेपी मॉर्गन में कार्यरत थीं, वहीं गगनदीप सिंह सिटी बैंक (Citibank) में एक ऊंचे पद पर तैनात थे। विदेश की चकाचौंध और आलीशान जिंदगी के बावजूद, दोनों का मन वहां नहीं लगा। अपनी मिट्टी की याद और देश के लिए कुछ करने के जज्बे ने उन्हें भारत लौटने पर मजबूर कर दिया। दिल्ली लौटकर उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय खुद की मेहनत पर भरोसा जताया और बिना किसी औपचारिक कोचिंग के सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।

गगनदीप सिंह ढिल्लों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है। पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले गगनदीप ने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग की और फिर आईआईएम बैंगलोर से मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। उनकी इसी तीक्ष्ण बुद्धि और लगन का परिणाम था कि उन्होंने साल 2010 में अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा क्रैक कर ली।

उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस (IAS एलाइड) मिली, जहां उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद तक अपनी सेवाएं दीं। हालांकि, उन्होंने भी अपनी पत्नी से पहले साल 2020 (रिपोर्ट्स के अनुसार 2022) में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

गगनदीप न केवल खुद सफल हुए, बल्कि उन्होंने अपनी पत्नी दिव्या को भी इस कठिन राह पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित किया। दिव्या मित्तल ने भी अपने पति के पदचिह्नों पर चलते हुए पहले ही प्रयास में आईपीएस और दूसरे प्रयास (2012) में देश भर में 68वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया। दिव्या ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान मिर्जापुर, संत कबीर नगर और हाल ही में देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई।

अब जब दिव्या मित्तल (ias divya mittal ) ने भी व्यक्तिगत कारणों से प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है, तो सोशल मीडिया पर इस ‘पावर कपल’ की संघर्ष और सफलता की गाथा फिर से वायरल हो रही है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि कैसे इस दंपति ने करियर के चरम पर होने के बावजूद अपनी प्राथमिकताओं और सिद्धांतों को ऊपर रखा। आईआईटी, आईआईएम और फिर आईएएस जैसे प्रतिष्ठित पदों को पाने और फिर उन्हें छोड़ने का साहस दिखाने वाली यह कहानी आज के युवाओं के बीच नई चर्चा का केंद्र बनी हुई है।